ग्राम विकास अधिकारी मनोज कुमार सोनी को डीडीओ ने शनिवार को निलंबित कर दिया। आरोप है कि ग्राम पंचायत के खाते से 7.05 लाख रुपये निकाला और पांच माह बाद केवल 72 हजार रुपये का ही काम कराया। कार्य की प्रगति नहीं होने पर उचित जवाब भी नहीं दिया। इसी पर डीपीआरओ की रिपोर्ट पर डीडीओ ने शनिवार को कार्रवाई की।
मंझनपुर ब्लॉक के बरलहा को मॉडल गांव का दर्जा मिला है। यहां स्वच्छता के कार्यों को पूरा कराने के लिए शासन ने 23 अगस्त को 9.35 लाख रुपये भेजा था। आरोप है कि ग्राम पंचायत अधिकारी ने अक्तूबर में ग्राम पंचायत के खाते से 7.05 लाख रुपये निकाल लिया। करीब पांच माह बाद भी काम अधूरा पड़ा है। इन कामों को 31 जनवरी तक पूरा करना था।
एक अप्रैल को गांव पहुंचे डीपीआरओ को काम अधूरे मिले। इस पर सचिव को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया। डीपीआरओ अनिल कुमार सिंह ने इसकी रिपोर्ट डीडीओ सुखराज बंधु को दी। डीडीओ ने शनिवार को मनोज कुमार सोनी को निलंबित करते हुए सरसवां अटैच कर दिया। प्रकरण की जांच बीडीओ कड़ा को सौंप रिपोर्ट मांगी है।