जिले के ओडीएफ हो चुके गांवों की हकीकत खंगालने के लिए मंगलवार को वर्ल्ड बैंक की टीम जिले में रही। टीम के सदस्यों ने दो गांवों का निरीक्षण किया। गांव में शौचालयों का प्रयोग, सोख्ता गड्ढा और बायोगैस से चल रहे पंप, आटा चक्की को देख खुशी जाहिर की।
शासन के निर्देश पर पंचायती राज विभाग द्वारा जिले को पूर्ण रूप से ओडीएफ बनाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। अफसरों के अभियान का असर रहा कि अब तक ढाई सौ से अधिक ग्राम सभाएं खुले में शौच से मुक्त हो चुकी है। यह रिपोर्ट जिले के जिम्मेदारों द्वारा पिछले दिनों शासन को भेजी गई। गांवों के ओडीएफ होने की रिपोर्ट मिलने के बाद वर्ल्ड बैंक की दो सदस्यीय टीम मंगलवार को जिले में आई। टीम के सदस्य वेंकटेश और सागर मौर्य ने सदर ब्लॉक के बबुरा गांव का निरीक्षण किया।
यहां पर उन्होंने शौचालयों का निर्माण, सोख्ता गड्ढा और बायोगैस प्लांट देख संतोष जताया। इसके बाद टीम सिराथू ब्लॉक के टेंगाई गांव पहुंची। यहां पर तो टीम के सदस्य अचंभित हो गए। ओडीएफ गांव में बने बायोगैस प्लांट से वाटर पंप, आटा चक्की और रोशनी का इंतजाम देखा तो दंग रह गए और डीपीआरओ कमल किशोर की पीठ थपथपाया। टीम के सदस्यों के साथ एडीपीआरओ नरेंद्र सिंह, एडीओ पंचायत मंझनपुर कमलाकांत मिश्र सहित पंचायती राज विभाग के कई जिम्मेदार मौजूद रहे।