मोहिउद्दीनपुर गौस गांव में पिता के अंतिम संस्कार में रोके जाने को लेकर एएसपी से झड़प करती मृतक
मूरतगंज। मोहीउद्दीनपुर गांव के पंडा चौराहे के समीप पिता-पुत्री के अंतिम संस्कार के लिए शनिवार को बड़ी संख्या में रिश्तेदार व परिवार के लोग जुट गए। परिजन व रिश्तेदार सभी विवादित भूमि में ही शव दफनाना चाहते थे। गांव में एक बार फिर बवाल होने की आशंका को भांंपते हुए पुलिस शव गांव लाने के बजाए सीधे उमरछा स्थित गंगा घाट पहुंच गई। जानकारी होने पर महिलाएं घाट जाने लगीं तो पुलिस व पीएसी ने बीच रास्ते में ही उन्हें रोक लिया। पीएसी के ट्रक में भरकर सभी को वापस गांव लाया गया। इस पर महिलाएं चीख पड़ीं..। नाराज महिलाओं ने एएसपी समर बहादुर पर जमकर भड़ास निकाली।
छबिलवा गांव के होरीलाल, बेटी बृजकली व दामाद शिवसरन की शुक्रवार तड़के गोली मारकर हत्या करने के बाद जातीय हिंसा भड़की थी। सात घरों में आग लगाने के साथ ही भीड़ ने हमलावरों के यहां करीब घंटे भर तक रुक-रुककर फायरिंग की। गोली लगने से कथित आरोपी पक्ष के अनूप सिंह चौहान जख्मी हो गया था। बवाल शांत कराने के बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शनिवार को अंतिम संस्कार के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं व रिश्तेदार शिवसरन की झोपड़ी के पास पहुंचे। वह लोग विवादित जमीन में ही शव दफन करना चाह रहे थे। इस पर पुलिस शव लेकर गांव नहीं आई। वह सीधे होरीलाल व बृजकली के शव को लेकर उमरछा पहुंच गई। होरीलाल के बेटे सुभाष को पुलिस ने पहले ही सरकारी लाभ दिलाने की बात कहकर अपने वाहन में बैठा लिया था। इसकी जानकारी जब घर में रही महिलाओं व रिश्तेदारों को हुई तो वह घाट की तरफ जाने लगीं। इस पर एएसपी समर बहादुर के निर्देश पर दो महिला सीओ, कई थानों की फोर्स पीएसी का ट्रक लेकर पहुंची और सभी को बीच रास्ते से ही वापस लेकर चले आए। होरीलाल की बेटी गुड्डी, सुमन, सूरजकली एएसपी पर बिफर पड़ीं। उनका कहना था कि कहां लाश है, हत्यारों के घर की रखवाली कर रहे हो। कहते थे कि अंतिम संस्कार वीडियो कॉलिंग करके दिखाएंगे। हंगामे की स्थित भांप एएसपी ने अंतिम संस्कार के दौरान मोबाइल में खींची तस्वीरों को दिखाया तब जाकर महिलाओं का गुस्सा शांत हुआ।