अखंड सौभाग्य के लिये महिलाओं ने रखा तीज का व्रत
तमाम महिलाओं ने दोपहर में नजदीकी घाटों पर पहुंचकर गंगा स्नान किया
मंझनपुर। पति की लंबी आयु के लिए महिलाओं ने हरितालिका तीज का व्रत रखा। शाम को मां पार्वती व भगवान भोलेनाथ की विधि-विधान से पूजा कर अखण्ड सौभाग्य की कामना की।
भाद्रपद मास की तृतीया तिथि को हरितालिका तीज के नाम से जाना जाता है। इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत करती है। यह व्रत सबसे कठिन माना जाता है। लगभग 36 घण्टे के इस व्रत में पानी तक नहीं पिया जाता। इस व्रत को सबसे पहले मां पार्वती ने किया था। आज ही के दिन माता पार्वती को शिव वर के रूप में प्राप्त हुए थे। तभी से इस व्रत को सुहागिन महिलाएं अखण्ड सौभाग्य के लिये रखती है। जबकि कुंवारी कन्याएं योग्य वर के लिए इस व्रत को रखती है। सोमवार को हरितालिका तीज थी। महिलाएं व्रत की तैयारी में कई दिन से जुटी थी। सोमवार को सुबह व्रत का संकल्प लेकर भगवान शिव के पूजन की तैयारी किया। तमाम महिलाओं ने दोपहर में नजदीकी घाटों पर पहुंचकर गंगा स्नान किया। शाम को सोलह श्रंगार कर भगवान शंकर व पार्वती की मिट्टी की प्रतिमा बनाकर विधि-विधान से पूजा की। इसके बाद भजन कीर्तन के कार्यक्रम आयोजित किये गए।