मालगाड़ी के लिए अलग से बनाई जा रही रेल लाइन में करोड़ों रुपये कीमत की मिट्टी की खपत होनी है। लगभग 15 लाख घन मीटर मिट्टी डाली जाएगी। इसकी रायल्टी साढ़े चार करोड़ होती है, लेकिन अब तक 50 लाख रुपये ही जमा हुए हैं। जिन लोगों ने पर्यावरण विभाग से एनओसी नहीं ली है, वह भी मिट्टी का खनन रात-दिन कर रहे हैं। इससे राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है। इसके बाद भी विभागीय अधिकारी खामोश हैं।
उत्तर मध्य रेलवे द्वारा मुगल सराय से कानपुर तक मालगाड़ी के लिए से अलग से रेलवे लाइन बनवाया जा रहा है। यह लाइन जिले की सीमा में लगभग 60 किलोमीटर में बननी है। इस दूरी पर रेलवे ट्रैक बनाने के लिए के लिए ठेकेदारों को लगभग 15 लाख घन मीटर मिट्टी की जरूरत है। इसके लिए ठेकेदारों को साढ़े चार करोड़ रायल्टी खनन विभाग में जमा करनी है। रेलवे के पांच ठेकेदारों को ही पर्यावरण विभाग से एनओसी मिली है। इन ठेकेदारों ने 50 लाख रुपये की रायल्टी विभाग में जमा कर मिट्टी का खनन शुरू करा दिया है। इनकी आड़ में 14 अन्य ठेकेदार भी मिट्टी का खनन करा रहे हैं। इनको अभी तक पर्यावरण विभाग से एनओसी नहीं मिली। एनओसी का आवेदन कर इन लोगों ने मिट्टी खनन का काम शुरू कर दिया है। खनन विभाग को इसकी जानकारी है, इसके बाद भी रात-दिन चल रही जेसीबी को रोकने का प्रयास नहीं किया जा रहा है। अधिकारी यह कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं कि एनओसी मिलते ही रायल्टी वसूल ली जाएगी।
प्रति घन मीटर 30 रुपये है रॉयल्टी
जिले के खनन विभाग ने मिट्टी खनन के लिए 30 रुपये प्रति घन मीटर का रेट निर्धारित कर रखा है। यह रकम विभाग मिट्टी का खनन करने वालों से रॉयल्टी के रूप में वसूल करता है। लेकिन पर्यावरण एनओसी बगैर मिट्टी का खनन नहीं कराया जा सकता।
ईंट भट्ठा मालिक भी कर रहे अवैध खनन
जिले में ईंट भट्ठा मालिकों की संख्या दो सौ के आसपास है। ईंट पथाई में लगने वाली मिट्टी का खनन करने के लिए 90 भट्ठा मालिकों ने पर्यावरण एनओसी का आवेदन किया था। इनमें से 32 भट्ठा मालिकों को पर्यावरण विभाग से एनओसी मिल चुकी है जबकि 58 आज भी लंबित हैं। इसके बाद भी जिले में संचालित एक-एक ईंट भट्ठे में अवैध मिट्टी का खनन कर ईंट पथाई कराई जा रही है। विभागीय जिम्मेदार हैं कि भट्ठा मालिकों द्वारा किए जा रहे अवैध मिट्टी खनन मामले में पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए हैं।
रेलवे का काम देख रहे पांच ठेकेदारों को पर्यावरण एनओसी जारी है। 14 लोगों ने और आवेदन कर रखा है। एनओसी मिलने के बाद इनसे भी रायल्टी जमा करा ली जाएगी।
राज रंजन कुमार, खनन निरीक्षक