रमजान की शुरुआत के साथ ही बाजारों में खजूर की रौनक बढ़ गई है। विदेशों से आयातित प्रीमियम किस्मों के खजूर से दुकानें सज गई हैं। रोजा इफ्तार में खजूर का विशेष महत्व होने के कारण इसकी मांग में तेजी आई है।
रमजान का महीना शुरु होते ही बाजारों में तरह-तरह के खाने-पीने की दुकानें सज गई हैं। फलों व ड्राई फ्रूट में सबसे ज्यादा मांग खजूर की हो रही है। मेवा कारोबारियों ने बताया कि इस बार सऊदी अरब, दुबई, ईरान और इराक से कई वैरायटी के खजूर बाजार में पहुंचे हैं।
कलमी, आलू, ईरानी, कलुआ, अजवा, अल फरोस, बरारी, अंबर, मबरूम, सुखरी, रब्बी, कीमिया, फर्द सहित 20 से अधिक प्रकार के खजूर बाजार में बिक रहे हैं। दुकानदारों ने बताया कि आलू, ईरानी, कलमी छोटा की मांग ज्यादा है, जो 160 से 200 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रहे हैं।
दुकानदारों ने बताया कि प्रीमियम खजूर की कम सेल है, इन्हें वही लोग खरीदते हैं जो इन किस्मों के बारे में जानते हैं या पहले स्वाद ले चुके हों। ज्यादातर अभी सामान्य खजूर ही पसंद किया जा रहा है। व्यापारी कपिल जायसवाल, अंकित केसरवानी, दिलीप केसरवानी ने बताया कि सामान्य दिनों में प्रतिदिन 5 से 6 किलो खजूर की बिक्री होती है, जबकि रमजान में यह बढ़कर 20 से 25 किलो प्रतिदिन तक पहुंच जाती है।
कीमत (प्रति किलो रुपये)
अजवा 600-1200
मेडजोल 900-1400
कलमी 200-800
कलूटा 300-350
अलफरोस 400-450
बरारी 600-700
आलू 160-200
कीमिया 250-400
सुखरी 500-600
अंबर 600-1000
मबरूम 900-1100
फर्द 200-400