जवई पंडरी गांव में चाक से दिवाली बनाता पारसनाथ। संवाद
वैसे तो दीपावली पर ही दियाली की ज्यादा बिक्री होती है। कुम्हारों की अच्छी आमदनी हो जाती है। इसलिए वह इस त्योहार का बड़ी बेसब्री से इंतजार करते हैं, लेकिन श्रीराम की कृपा से इस बार कुम्हारों के लिए दोबारा दीपावली आ गई है। 22 जनवरी को होने वाले रामोत्सव के लिए लोग बड़े पैमाने पर दीवाली के आर्डर दे रहे हैं।
अयोध्या में रामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा वाले ऐतिहासिक दिन 22 जनवरी को रामोत्सव के तहत रामभक्तों ने घरों, मंदिरों को दीपों से रोशन करने की तैयारी की है। अमूमन कुम्हार दीपावली पर ही दियाली बनाते हैं। इसलिए, कुम्हारों को ऑर्डर देकर दियाली बनवाई जा रही है।
विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री नीलमणि ने बताया कि जमालमऊ में एक कुम्हार को 10 हजार दियाली बनाने का ऑर्डर दिया है। इसमें से 5,100 दीप तो भरवारी के राम जानकी मंदिर में जलाए जाएंगे। जबकि, अन्य दीप कार्यकर्ताओं के घरों में जलेंगे।
विहिप के सिराथू पश्चिम के प्रखंड मंत्री अरुण ने बताया, पूरे प्रखंड में करीब 10 ग्राम पंचायतें हैं। सभी गांवों में दीपोत्सव मनाया जाएगा। इसके लिए करीब 15 हजार दियाली का ऑर्डर उदहिन खुर्द, उदहिन बुजुर्ग, अनेठा और जवई पड़री के कुम्हारों को दिया गया है।
इसी तरह विहिप के साथ भाजपा के भी तमाम पदाधिकारियों, नेताओं तथा कार्यकर्ताओं की ओर से ऑर्डर देकर दियाली बनवाई जा रही है। इससे कुम्हारों के चेहरे पर रौनक है।