घोघपुर गांव में पत्नी की हत्या कर फरार आरोपी पति शिवभोला को पुलिस ने मंगलवार रात मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मंगलवार को घर के भीतर चारपाई पर माया देवी का शव मिलने से सनसनी फैल गई थी। पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण ने घटनास्थल का निरीक्षण कर गिरफ्तारी के लिए तीन पुलिस टीमें गठित की थी। सीओ कौशाम्बी जनेश्वर पांडेय ने बताया कि मंगलवार रात करीब 11 बजे शाहपुर मोड़ के पास संदिग्ध वाहनों की जांच के दौरान एक सफेद रंग की बाइक पर युवक आता दिखाई दिया। पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो उसने रफ्तार बढ़ा दी।
पीछा करने पर हरभजन बाबा कुटिया के पास कच्चे रास्ते में उतर गया और पुलिस टीम पर तमंचे से फायर कर दिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और वह गिर पड़ा। पकड़े जाने पर उसकी पहचान माया देवी के हत्यारोपी शिवभोला के रूप में हुई।
जेल से बाहर आने के बाद भी नहीं बदला व्यवहार
घोघपुर गांव में माया देवी की हत्या पर गांव में चर्चाओं का दौर जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि उसका पति आरोपी शिवभोला आपराधिक चरित्र का था। जेल से जमानत पर रिहा होने के बाद भी उसके व्यवहार में सुधार नहीं हुआ।
वह अक्सर शराब के नशे में धुत रहता था और छोटी-छोटी बातों पर परिवार और पड़ोसियों से विवाद करता था। गांव में लंबे समय से झगड़ालू और विवादित व्यक्ति की छवि है। घरेलू कलह और नशे की आदत के कारण परिवार में तनाव बना रहता था। इसी तनाव के बीच पत्नी माया देवी की हत्या की घटना ने पूरे गांव को झकझोर दिया।
बच्चों की उजड़ी दुनिया
मां माया देवी की हत्या ने उसके बच्चों की दुनिया भी उजाड़ दी। मां की हत्या और पिता की गिरफ्तारी के बेटी पूजा (15) और बेटा गुड्डू (18) गहरे सदमे में हैं। घटना के समय घर में मौजूद पूजा ने अपनी आंखों के सामने मां पर हमला होते देखा। उस वक्त वह इतनी सहम गई कि उसकी आवाज तक नहीं निकल सकी। आरोपी पिता के घर से भागने के बाद पूजा की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। बुधवार को वह बार-बार अपनी मां को याद कर रो पड़ती। यही हाल गुड्डू का रहा।