अलवारा गांव में रविवार को घर के सामने नाले में युवक की लाश मिली है। मौके पर पहुंचे सीओ कौशाम्बी जनेश्वर पांडेय ने परिजनों से पूछताछ कर महेवाघाट पुलिस को जरूरी निर्देश दिए। फील्ड यूनिट ने मृतक की चारपाई के नीचे पाॅलिथीन में कीटनाशक और दूसरे नमूने लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। घटना के पीछे पत्नी का मायके से नहीं लौटना माना जा रहा है।
अलवारा गांव के अमरनाथ ने बताया कि उसका छोटा भाई वीरेंद्र कुमार (25) गांव में खेती-बाड़ी का काम करता था। नशे की लत में फंसकर वह शराब पीने लगा था। नशे के चलते पति-पत्नी में अक्सर झगड़ा होता रहता था। इससे नाराज होकर करीब एक महीने पहले उसकी पत्नी अपने मायके गोरजू चली गई थी।
तीन-चार दिन पहले वीरेंद्र पत्नी को बुलाने अपने ससुराल पश्चिमशरीरा के गोराजू गांव गया था लेकिन पत्नी साथ नहीं आई। इस बात से वह बहुत परेशान था। अमरनाथ के मुताबिक, तनाव और परेशानी की वजह से वीरेंद्र ने जहरीला पदार्थ खाकर खुदकुशी कर लिया।
हालांकि, अमरनाथ ने यह भी बताया है कि बहुत दिनों पहले घर का बंटवारा हो चुका था और वह अपने परिवार के साथ दूसरे मकान में रहता है। बीमार होने के कारण शनिवार को रात में वह दवा खाकर सो गया था।
रविवार सुबह गांव के किसी व्यक्ति ने जानकारी दी तो वह मौके पर पहुंचा। देखा कि नाले में मिली लाश उसके छोटे भाई की है। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
युवक की मौत को लेकर तमाम तरह की है चर्चा
मृतक का पिता रामलाल महेवाघाट थाने में चौकीदार है। रामलाल ने बताया है कि वीरेंद्र तीन बेटों में सबसे छोटा था। करीब पांच साल पहले पश्चिमशरीरा थाना क्षेत्र के गोराजू गांव में देवशरण की पुत्री अनीता के साथ उसकी शादी हुई थी। दोनों के बच्चे नहीं हैं। मृतक गुजरात के गांधीनगर में प्राइवेट नौकरी करता था। कुछ दिनों पहले ही वह गांव आया था। मौजूदा समय में वह घर के पीछे खाली जगह में झोपड़ी बनाकर पत्नी के साथ रहता था। झोपड़ी के सामने नाला गुजर रहा है। उसी नाले में उसकी लाश मिली है।
वीरेंद्र। फाइल फोटो