दोआबा में गेहूं खरीद लक्ष्य के सापेक्ष महज नौ फीसदी पर ही सिमट गई। ढाई महीने में क्रय केंद्रों पर लक्ष्य के सापेक्ष महज नौ फीसदी खरीद हो सकी। 15 जून को क्रय केंद्रों पर खरीद बंद कराते हुए जिला विपणन अधिकारी ने रिपोर्ट डीएम को भेज दिया है।
दोआबा में किसानों का गेहूं खरीदने के लिए हॉट शाखा, पीसीएफ आदि विभिन्न शाखाओं के 45 क्रय केंद्र जिले भर में खोले गए थे। इन क्रय केंद्रों पर शासन ने 25 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया था। एक मार्च से क्रय केंद्रों पर शुरू हुई गेहूं खरीद 15 जून तक महज नौ फीसदी ही पहुंच सकी। इसके पीछे महकमे की जिम्मेदार का कहना है कि क्रय केंद्रों पर किसान इस साल गेहूं लेकर ही नहीं आए। सूत्रों की मानें तो शासन द्वारा गेहूं का मूल्य महज 1525 रुपए क्विंटल था।
जबकि स्थानीय व्यापारी 16 सौ रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीद रहे थे। इसके चलते किसानों ने अपना गेहूं क्रय केंद्रों पर न बेंच कर घर पर स्थानीय व्यापारियों को तौल दिया। इसका नतीजा रहा कि गेहूं खरीद के लिए खुले 12 क्रय केंद्रों की पूरे ढाई माह तक बोहनी ही नहीं हुई। बहरहाल 15 जून को खरीद बंद हो गई। विभागीय आंकड़ों पर जाएं तो ढाई माह में 33 क्रय केंद्रों पर 2346.40 क्विंटल गेहूं खरीदा जा सका जो लक्ष्य का 9.39 फीसदी है। खरीद बंद होने के बाद जिला विपणन अधिकारी ने रिपोर्ट डीएम को मुहैया करा दिया है।
गेहूं खरीद के लिए दोआबा में 45 केंद्र खुलवाए गए थे। इस साल क्रय केंद्रों पर किसान अपना गेहूं बेंचने के लिए कम आए। इसके चलते लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। 15 जून तक हुई खरीद की रिपोर्ट डीएम को भेजवा दी गई है।
विनीता मिश्र, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी