जिले में गेहूं खरीद सत्र अंतिम चरण में पहुंच गया है, लेकिन चायल कस्बा स्थित साधन सहकारी समिति में पिछले एक सप्ताह से बोरियां न मिलने के कारण गेहूं की तौल पूरी तरह ठप हो गई है। इससे 17 किसानों का करीब 850 कुंतल गेहूं खरीद केंद्र पर फंस गया है।
जनता साधन सहकारी समिति चायल के सचिव देवेंद्र यादव ने बताया कि विभाग की ओर से बोरियों की आपूर्ति नहीं की जा रही है, जिससे खरीद कार्य प्रभावित हो रहा है। वहीं खाद्य एवं विपणन अधिकारी सुशील चौबे का कहना है कि समितियों को पर्याप्त बोरियां उपलब्ध कराई गई हैं। कुछ समितियों की ओर से अतिरिक्त बोरी मद का भुगतान नहीं किया गया है, इसलिए उन्हें नई बोरियां नहीं भेजी जा सकीं। भुगतान मिलते ही आपूर्ति कर दी जाएगी।
15 जून तक ही होनी है गेहूं की खरीद
जिले में 15 जून तक गेहूं खरीद होनी है। अब तक 6,137 किसानों से 29,666.428 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है, जो 54,500 मीट्रिक टन के लक्ष्य का 54.43 प्रतिशत है। जिले में कुल 43 गेहूं क्रय केंद्र संचालित हैं, जबकि 18 साधन सहकारी समितियों पर खरीद की व्यवस्था की गई है। बोरी संकट मुख्य रूप से पीसीएफ के छह केंद्रों पर सामने आया है।
एक नजर में गेहूं खरीद
विवरण आंकड़ा
कुल गेहूं खरीद लक्ष्य 54,500 मीट्रिक टन
अब तक खरीद 29,666.428 मीट्रिक टन
लक्ष्य के सापेक्ष उपलब्धि 54.43 प्रतिशत
अब तक लाभान्वित किसान 6,137
खरीद की अंतिम तिथि 15 जून 2026
कुल क्रय केंद्र 46
एजेंसी वार सक्रिय क्रय केंद्र
पीसीएफ – 6
यूपीएसएस – 4
पीसीयू – 8
नेफेड – 7
मंडी परिषद – 1
भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) – 2
साधन सहकारी समितियां – 18