मेडरहा गेहूं खरीद केंद्र का निरीक्षण करती नायब तहसीलदार। संवाद
जिले में गेहूं खरीद शुरू हो गई है। लेकिन, जमीनी हकीकत की तस्वीर ज्यादा बेहतर नहीं है। एक ओर जहां चार केंद्रों पर अब तक 850 क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है। वहीं, कई केंद्रों पर अब भी व्यवस्थाएं अधूरी हैं। जिले में 37 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। यहां 30 मार्च से 15 जून तक गेहूं की खरीद होगी।
शुक्रवार को संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में सरसवां ब्लॉक के पश्चिमशरीरा, बैरमपुर, कटरी, कुम्हियांवा व सरसवां में केंद्र तो खोले गए हैं। लेकिन, बोरियों की आपूर्ति नहीं होने से खरीद शुरू नहीं हो सकी है। एक सप्ताह बीतने के बाद भी किसान इंतजार कर रहे हैं।
वहीं, मेडरहा केंद्र का नायब तहसीलदार मधु जैन ने निरीक्षण किया। वहां की व्यवस्थाओं को देखा और संतुष्टि जताई। उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर में खरीद को लेकर केंद्रों में बेहतर व्यवस्था दिखी है। खरीद शुरू होने के बाद ही हकीकत सामने आ सकेगी।
गेहूं खरीद की रफ्तार जिले में धीमी है। इसके पीछे लगातार चल रहे खराब मौसम व अभी तक किसानों का गेहूं तैयार होना मुख्य कारण माना जा रहा है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी सुधांशु चौबे का दावा है कि ओसा के दो, सिराथू व अजुहा के एक-एक केंद्र पर खरीद शुरू हो चुकी है। इन केंद्रों ने अब तक 850 क्विंटल गेहूं की खरीद की है।
उन्होंने कहा कि सभी केंद्रों पर पांच से दस हजार क्विंटल तक भंडारण की क्षमता है। पड़ताल के दौरान सिराथू के हाट शाखा व सैनी केंद्र पर तीन दिन में पांच किसानों से 455 क्विंटल खरीद की गई है। यहां 15 हजार क्विंटल का लक्ष्य तय है। वहीं अजुहा केंद्र पर दो किसानों से 105 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है।
मेडरहा गेहूं खरीद केंद्र का निरीक्षण करती नायब तहसीलदार। संवाद