रबी सीजन के अंतिम दौर में गेहूं की फसल को सिंचाई की सख्त जरूरत है। लेकिन, पानी के पानी और बिजली की समस्या ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में नहरों में पानी तो छोड़ा गया है। लेकिन, नालियों की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण यह पानी खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा है। अधिकांश जगहों पर नहर का पानी तली में ही बह रहा है। इसके चलते सिंचाई केवल कागजों में होती दिखाई दे रही है।
जिले में नहरों का जाल है। इसके बाद भी नहरों से कम ही सिंचाई हो पाती है। किसान नेता नूरुल इस्लाम की मानें तो नहर से पानी उठाने के लिए पंप सेट की आवश्यकता पड़ती है। यह किसानों के लिए खर्चीला होता है।
इन दिनों बिजली कटौती के कारण पंप चलाना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक बिजली आपूर्ति का समय निर्धारित है। लेकिन, आए दिन फाल्ट के चलते बिजली देर से आती है या बार-बार कट जाती है। कई बार 10 बजे के बाद भी बिजली नहीं मिलती। इससे किसान पूरे दिन पानी के इंतजार में बैठे रहते हैं। किसान नेता अजय सोनी ने बताया कि इस समय गेहूं की फसल दाना भरने की अवस्था में है। यदि समय पर सिंचाई नहीं हुई तो पैदावार पर सीधा असर पड़ेगा।
नहर में पानी तो है, लेकिन खेत तक पहुंचाने का कोई रास्ता नहीं है। बिजली आए दिन खराब रहती है। ऐसे में फसल सूख रही है। - अजय सिंह, किसान
गेहूं की फसल तैयार खड़ी है। इस वक्त पानी नहीं मिला तो मेहनत बेकार हो जाएगी। बिजली का कोई भरोसा नहीं है।- जय सिंह, किसान
सुबह 10 बजे बिजली आने का समय है, लेकिन अक्सर 12 बजे आती है। तब तक आधा दिन निकल जाता है।- मुशर्रफ खान, किसान डेकहाई
नहर की सफाई और नालियों की व्यवस्था हो जाए तो नहर में पंप की जरूरत ही न पड़े। इस ओर ध्यान दिया जाए तो किसान परेशानी से बच जाएगा। - भोला यादव, किसान बारा
क्षेत्र में मानक के अनुसार बिजली दी जा रही है। हो सकता है कहीं कोई समस्या हो। लेकिन, कटौती इस प्रकार नहीं होती कि किसान को 10 घंटे से कम बिजली मिले। - इं. राम कुमार कुशवाहा, अधिशासी अभियंता विद्युत
नहरों की सफाई की गई है। साथ ही इनमें पानी भी छोड़ा गया है। नाली की सफाई विभाग की नहीं है। इसके लिए संबंधित ग्राम पंचायत को योजना बनाकर काम करना होगा। सुमित कुमार, अवर अभियंता सिंचाई
अजय सिंह, किसान
अजय सिंह, किसान
अजय सिंह, किसान
अजय सिंह, किसान