द्वाबा में महीनेभर से ठंड जानलेवा बनी हुई है। शीतलहर के साथ हांड़ कपाने वाली ठंड की चपेट में आने से जिले में मौतों का सिलसिला भी जारी है। सोमवार की रात भी ठंड ने चार और लोगों की जान ले ली। रात अचानक तबियत बिगड़ने पर घरवाले बीमारों को अस्पताल लेकर गए। पर, उन्हें बचाया नहीं जा सका।
कौशाम्बी में इस साल रिकार्डतोड़ ठंड पड़ रही है। महीनेभर से बर्फीली हवाओं का कहर जिले में बना हुआ है। पहाड़ों पर हो रही बर्फवारी के कारण दिन-रात के तापमान में भी गिरावट बनी हुई है। मंगलवार को दिन में धूप खिलने के बाद भी तापमान 15 डिग्री सेल्सियस था। वहीं सोमवार की रात का तापमान 7 डिग्री सेल्सियस था। सबसे ज्यादा दिक्कत बर्फीली हवाओं के कारण है। इससे ऐसी गलन है, जिसके कारण लोगों के हाथ-पैर सुन्न बने हैं। वहीं इस भीषण ठंड की चपेट में आने से जिले में मौत का सिलसिला भी जारी है।
सोमवार की रात भी ठंड की चपेट में आने से चायल तहसील क्षेत्र के सेवढ़ा गांव की रहने वाली गुलजरिया (65) पत्नी भिंगई की मौत हो गई। घरवालों के मुताबिक सोमवार की रात अचानक उसकी तबियत बिगड़ गई थी। इसी तरह ठंड के कारण बेनीराम कटरा गांव निवासी गनेश प्रसाद (45) पुत्र धनपत की भी सोमवार की रात मौत हो गई। घरवालों के मुताबिक वह इलाहाबाद में मजदूरी करता था। सोमवार की शाम घर आते समय रास्ते में अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। परिजनों ने उसे स्थानीय एक चिकित्सक के क्लीनिक में भर्ती भी कराया था, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
वहीं सरायअकिल कस्बे के बुद्धपुरी मोहल्ला निवासी कैलाश (55) पुत्र महादेव रात खेत से घर पहुंचा तभी उसकी तबियत अचानक बिगड़ गई। पेट और सीने में तेज दर्द होने पर परिजन उसे अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही अधेड़ की मौत हो गई। इसी तरह मनौरी गांव की रहने वाली बिंदिया देवी (75) पत्नी रहमत अली की सोमवार की रात ठंड लगने से मौत हो गई। ठंड से हुई इन मौतों से घर-परिवार में कोहराम मचा हुआ है। बता दें कि महीने भर से छिटपुट बरसात और शीतलहर के साथ बढ़ी ठंड से जन जीवन अस्त-व्यस्त है।