द्वाबा में भीषण शीतलहर का प्रकोप बना हुआ है। तीन दिन से घने कोहरे के साथ तेज बर्फीली हवाएं चल रही है। इससे ऐसी गलन है कि घर-बाहर कहीं भी लोगों को ठंड से राहत नहीं मिल पा रही है। वहीं शीतलहर की चपेट में आने से जिले में लगातार मौतें भी हो रही है। शुक्रवार की रात भी सिराथू तहसील के कैमा गांव के कोटेदार की ठंड लगने से मौत हो गई। घरवालों के मुताबिक शाम खेत की ओर से लौटते समय वह ठंड की चपेट में आ गए थे। मौत से घर-परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
सिराथू तहसील के कैमा गांव निवासी सुरेश चंद्र (42) की शुक्रवार की रात मौत हो गई। घरवालों के मुताबिक शाम करीब 6 बजे वह खेत की ओर गए थे। लौटने के बाद ही उनकी तबियत बिगड़ने लगी थी। आग जलाकर हाथ-पैर सेंकने के बाद वे अपने बिस्तर पर लेट गए। देर रात जब तबीयत ज्यादा बिगड़ी, तो घरवाले घबरा गए। परिजन इलाज के लिए स्थानीय एक चिकित्सक के पास ले गए। पर, आराम नहीं मिला। कुछ देर बाद ही उनकी सांसें थम गई। घरवालों का मानना है कि ठंड लगने से ही जान गई है। मौत से घर-परिवार में कोहराम मचा हुआ है। बता दें कि कौशाम्बी में बृहस्पतिवार को हुई बूंदाबांदी के बाद फिर से ठंड का प्रकोप तेज हो गया है।
घने कोहरे के कारण दिन-रात ऐसी तेजी बर्फीली हवाएं चल रही हैं, जिससे घर-बाहर लोगों को कहीं भी राहत नहीं मिल रही है। बृहस्पतिवार से ही धूप के दर्शन नहीं होने से दिन में भी ऐसी गलन है कि लोगों के हाथ-पैर सुन्न बने रहते हैं। ठंड का आलम यह है कि रजाई-कंबल के भीतर भी गलन बनी हुई है। वहीं बर्फीली हवा चलने से रात-दिन का तापमान में भी लगातार गिरावट आ रही है। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम विभाग के मुताबिक शुक्रवार की रात का तापमान 7 डिग्री सेल्सियस था। वहीं शनिवार को दिन में भी पारा 12 डिग्री सेल्सियस से ऊपर नहीं जा सका। उधर, भीषण ठंड के बावजूद अफसर बेफिक्र बने हैं। तभी सार्वजनिक स्थानों पर अलाव का इंतजाम नहीं किया जा रहा है। जिससे राहगीरों के साथ अन्य लोग भी ठिठुरने को मजबूर हैं।