- अमियां गिरने से किसानों को हुआ नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। रविवार शाम को एक बार फिर आंधी ने मौसम का मिजाज बदल दिया। अन्य दिनों की अपेक्षा हवा में तेजी रही, इस कारण दिन में धूप तो थी, लेकिन इसका बहुत ज्यादा असर नहीं दिखा। देर शाम आंधी संग बूंदीबांदी भी हुई। बदले मौसम से राहगीरों को भले कुछ दिक्कत हुई हो, लेकिन उमस से परेशान अन्य लोगों ने काफी राहत मिली। मौसम में यह परिवर्तन 26 मई की भोर हुई बारिश के बाद से दिख रहा है। मौसम विभाग के अनुसार दो दिन पहले हुई बारिश बढ़ते तापक्रम का परिणाम थी, जिसने गर्मी के तेवर को फौरी तौर पर ठंडा कर दिया है। मानसून आने का सही वक्त 15 जून तक का होता है। चक्रवाती हवाओं का जोर बना रहा तो दो-चार दिन आगे-पीछे प्री-मानसून दस्तक दे सकता है। मौसम विज्ञानी इस बार की गर्मी और तपिश को देखकर अच्छी बारिश की उम्मीद जता रहे हैं।
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आम के बागवानों की बढ़ी मुश्किलें
मंझनपुर। रविवार की देर शाम आई आंधी ने बागवानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कड़ा, मूरतगंज, सिराथू, चायल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आम के बाग हैं। इस समय यह बाग फलों से लगे हुए हैं। कड़ा के बागवान दिलीप शुक्ला ने कहा कि आंधी की वजह से काफी अमियां गिर गईं हैं। इससे काफी नुकसान हो गया है। मूरतगंज के राकेश त्रिवेदी ने बताया कि बागवानों के लिए यह आंधी मुसीबत बनकर आई है। इस समय बाजार में अमियां की भरमार है। आठ से 10 रुपये प्रति किलो अमियां बिक रही है। अब इनके दाम और गिर जाएंगे।
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धान की नर्सरी लगाने वाले किसान खुश
मंझनपुर। टेवां के किसान अभय प्रताप, कोड़र के सूरज और कनैली के गोपाल सिंह ने कहा कि यह मौसम धान की नर्सरी लगाने के लिए सबसे मुफीद है। ऐसे ही मौसम रहा तो नर्सरी अच्छी तैयार होगी। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. अजय सिंह ने बताया कि धान की नर्सरी डालने का यही सही समय है। इसमें किसानों ने नर्सरी तैयार कर ली तो आगे फसल भी अच्छी होगी।