जल जीवन मिशन योजना के तहत चक सहनपुर ग्राम पंचायत में लाखों की लागत से बनी पानी की टंकी से गांव के आधे हिस्से में ही पानी पहुंच पा रहा है। यूसुफपुर रारा गांव के 50 से अधिक घरों में लगी टोटियां सिर्फ शोपीस बनकर रह गई हैं। पानी नहीं आने से नाराज ग्रामीणों को इस भीषण गर्मी में भी आधा किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि चक सहनपुर पंचायत में वर्ष 2024 में जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकी का निर्माण शुरू हुआ था। आपूर्ति के लिए किया गया पहला बोर जल्द ही खराब हो गया। इसके बाद वर्ष 2025 में रिबोर कराया गया। करीब आठ महीने पहले गांव की सड़कों को खोदकर पाइपलाइन तो बिछा दी गई लेकिन तकनीकी खामियों के चलते कई मोहल्लों तक पानी नहीं पहुंच रहा है।
पाइपलाइन से जो पानी आता है, उसमें कभी-कभी कीड़े दिखाई देते हैं। ऐसा दूषित पानी पीने से गांव में महामारी फैलने का खतरा मंडरा रहा है।
अक्षय मौर्या, ग्रामीण
जिन घरों में पानी नहीं आ रहा, वे पड़ोसी के समर्सिबल के भरोसे हैं। पानी के लिए रोजाना 500 मीटर का चक्कर लगाना पड़ता है।
निरंजन बाबू, ग्रामीण
पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों को वैसे ही छोड़ दिया गया है। अगर बरसात से पहले इन उखड़ी सड़कों की मरम्मत नहीं हुई, तो रास्ता दलदल में बदल जाएगा।
अतुल शुक्ला, ग्रामीण
वर्जन:
चक सहनपुर पंचायत में जल जीवन मिशन योजना के तहत हर घर तक जल पहुंच रहा है। यदि कहीं पर समस्या है और पानी नहीं पहुंच रहा है। इसके सामाधान के लिए तीन से चार दिन में में टीम भेजकर समस्या का समाधान करा दिया जाएगा। साथ ही खुदी सड़क को ही दुरुस्त कराया जाएगा।
संदीप सिंह, अधिशाषी अभियंता, जल जीवन मिशन
युसुफपुर रारा गांव में सूखी पड़ी पानी की टोटी। संवाद
युसुफपुर रारा गांव में सूखी पड़ी पानी की टोटी। संवाद
युसुफपुर रारा गांव में सूखी पड़ी पानी की टोटी। संवाद
युसुफपुर रारा गांव में सूखी पड़ी पानी की टोटी। संवाद