भदवां समेत कई गांवों में सुबह-शाम नलकूप, हैंडपंपों पर लगती है भीड़
अफसरों की अनदेखी के कारण कौशाम्बी में गर्मी आते ही गांव-गांव पानी का हाहाकार मचने लगा है। हैंडपंपों के रिबोर नहीं कराए जाने से यह समस्या दिन-ब-दिन और गंभीर होती जा रही है। सिराथू के भदवां समेत कई ऐसे गांव हैं, जहां सैकड़ों परिवारों के बीच इक्का-दुक्का हैंडपंप ठीक हैं। इन हैंडपंपों पर सुबह-शाम पानी के लिए लाइन लगती है।
मानसून के दौरान बारिश नहीं होने से कौशाम्बी में भूजलस्तर नीचे भागता जा रहा है। इसके कारण जहां कुओं का पानी सूख गया है। वहीं हजारों हैंडपंप शोपीश बन चुके हैं। जलनिगम के आंकड़े देखें तो करीब 6000 हैंडपंप खराब पड़े हैं। इनमें 40 फीसदी नल रिबोर कराए जाने हैं। पर, बजट नहीं मिलने से दो साल से इन हैंडपंपों को रिबोर नहीं कराया जा सका है। इससे गर्मी आते ही गांव-गांव पानी की किल्लत से लोगों को जूझना पड़ रहा है। सिराथू के भदवां समेत कई गांव में तो सिर्फ एक अथवा दो हैंडपंपों से पानी निकल रहा है। भदवां गांव में सौ परिवार की बस्ती में 6 हैंडपंप लगे थे। इनमें से 5 हैंडपंप मार्च महीने से खराब पड़े हैं। सिर्फ एक हैंडपंप से पानी निकल रहा है। इसी हैंडपंप पर सभी सौ परिवार के लोग लाइन लगाकर पानी भरने को मजबूर हैं। इस दौरान कई बार तो ग्रामीणों के बीच कहासुनी, हाथापाई तक की नौबत आ जाती है। गांव के रहने वाले कल्लू भगत, राम भवन, दिलीप कुमार, घनश्याम, राम सूरत, अनिल कुमार, राम विलास, राम बहादुर, फूलचंद्र, रामलाल, श्यामलाल, छेदीलाल, मोहनलाल, धर्मेश, देशराज आदि ने बताया कि कई बार प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी, बीडीओ और जलनिगम के अफसरों से शिकायत की गई। तहसील दिवस में भी प्रार्थनापत्र दिया गया। फिर भी खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत नहीं कराई जा रही है। गांववाले इसे लेकर परेशान हैं कि यदि यह हैंडपंप भी खराब हो गया, तो लोग प्यासे मर जाएंगे।