विकास खंड नेवादा के दो गांव तिलगोड़ी और आलमपुर में महीनेभर से पानी के लिए हाहाकार मचा है। यमुना कछार में बसे इन गांवों में लगे 70 में से 50 हैंडपंप खराब पड़े हैं। वहीं चालू हालत वाले हैंडपंप भी नलकूप अथवा सबमर्सिबल पंप चलने पर पानी उगलना बंद कर देते है। पानी की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों ने एसडीएम, बीडीओ नेवादा से कई बार शिकायत की। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका।
नेवादा विकास खंड के तिलगोड़ी और आलमपुर गांव में पेयजल मुहैया कराने के लिए 70 हैंडपंप लगवाए गए हैं। महीनेभर से इन दोनों गांव के करीब 50 हैंडपंपों ने पानी उगलना बंद कर दिया है। तब से गांव में पेयजल संकट शुरू हो गया है। बचे हुए 20 हैंडपंपों के सहारे ग्रामीण किसी तरह पानी भरकर अपना काम चला रहे हैं। गांव के रहने वाले विनय सिंह, फूल सिंह, शरद कुमार, अवशाद अहमद, रामहित, शिवबहादुर, रामलखन आदि ने बताया कि तब ज्यादा समस्या खड़ी हो जाती है, जब आसपास के किसी खेत में नलकूप अथवा किसी के घर में सबमर्सिबल पंप चालू हो जाता है। नलकूप अथवा सबमर्सिबल पंप चलने पर इन हैंडपंपों से पानी निकलना बंद हो जाता है। लोगों का कहना है कि इसकी शिकायत एसडीएम चायल और बीडीओ नेवादा से कई बार की गई, लेकिन किसी भी अधिकारी ने गांवों में खड़ी हुई पानी की समस्या के निस्तारण की ओर ध्यान नहीं दिया। इसका दोनों गांव के लोगों में जबरदस्त आक्रोश है।