मूरतगंज ब्लॉक के आलमचंद गांव में बनी टंकी की मोटर फुंकने से दर्जनभर गांवों में पानी के लिए हाहाकार मचा है। जलापूर्ति ठप होने और गांवों में लगे ज्यादातर हैंडपंपों के खराब होने से लोगों को पानी के लिए इस भीषण गर्मी में भटकना पड़ रहा है। गांववाले खेतों में सिंचाई के लिए लगे निजी नलकूपों से पानी भरकर ढोने को मजबूर हैं। शिकायत के बाद भी पंपहाउस की मोटर ठीक नहीं कराई जा रही है। इसे लेकर लोगों में आक्रोश है।
चायल तहसील क्षेत्र के मूरतगंज इलाके में बरसों से बनी पानी की समस्या को दूर करने के लिए करीब 10 साल पहले आलमचंद गांव में बोरिंग कराकर पानी की टंकी का निर्माण कराया गया था। इस टंकी से मूरतगंज के साथ ही हर्रायपुर, आदमपुर नादिरअली, नसीरपुर, नरवरपट्टी, बसेढ़ी, शोभना, परऊ मियां का पुरवा, छीतापुर आदि दर्जनभर गांवों में पाइप लाइन बिछाकर जलापूर्ति की जाती है। हर्रायपुर गांव के रहने वाले रमेश तिवारी, नरेश यादव, मनोज कुमार, ध्यान सिंह, दीपू, रोशन लाल, शोभना गांव निवासी आवेश अहमद, सूरज पाल आदि ने बताया कि महीनेभर पहले पानी टंकी की मोटर जल गई थी। तभी से जलापूर्ति ठप है। वहीं गांवों में लगे आधे से ज्यादा हैंडपंप भी खराब पड़े हैं। इससे लोगों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। गांव के लोग खेतों में सिंचाई के लिए लगे निजी नलकूपों से पानी भरकर ले आने को मजबूर हैं। पानी के लिए परेशान गांववालों ने बुधवार को चायल तहसील पहुंचकर तहसील दिवस में इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की। मामले में जल निगम के अवर अभियंता ने बताया कि पंप आपरेटर की लापरवाही से दिक्कत आई हैं। भरोसा दिलाया कि दो दिन के भीतर मोटर दुरूस्त कराकर पेयजल की आपूर्ति शुरू करा दी जाएगी।