डामर रोड के लिए पानी सबसे बड़ा दुश्मन कहा गया है। कितनी भी अच्छी सड़क हो, जलभराव उसे नष्ट कर देती है। बूंदाबांदी भी हो जाए तो अधिकारी निर्माण नहीं कराते, ताकि सड़क बर्बाद न हो। इन सब के विपरीत भरवारी में ठेकेदार ने बारिश के दौरान ही करीब 100 मीटर सड़क बनवा दी।
पीडब्ल्यूडी की ओर से कस्बे के रेलवे फाटक से मुख्य बाजार होते हुए मंझनपुर रोड तक तीन किमी सड़क का नवीनीकरण कराया जा रहा है। इस पर एक करोड़ खर्च किए जाने हैं। बुधवार को भी कस्बे में काम चल रहा था। इसी बीच बारिश होने लगी। इसके बाद भी ठेकेदार ने काम बंद नहीं किया। यह देख स्थानीय लोग दंग रह गए।
कस्बे के वेद पांडेय, सुरेश तिवारी, अनिल अग्रहरि ने कहा कि बारिश के बीच डामरीकरण का काम नहीं होना चाहिए। इस तरह बनाई गई सड़क टिकाऊ नहीं होती। अभियंता तो दूर यह बात आमजन भी अच्छी तरह जानते हैं। इसकी अनदेखी करते हुए ठेकेदार ने बारिश में 100 मीटर सड़क का डामरीकरण करा दिया।
कस्बे के कुछ लोगों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल भी किया है। कई लोगों ने तो डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को भी भेज कार्रवाई की मांग की। उधर, पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता एमएम मिश्रा का कहना है कि मामला संज्ञान में है। सड़क की गुणवत्ता में कोई कमी नहीं आएगी। अगर, कहीं कोई खराबी आती भी है तो उसे दुरुस्त करने की जिम्मेदारी ठेकेदार की होगी।