सरायअकिल। नेवादा विकास खंड के 50 गांवों में जल संकट गहरा गया है। यमुना किनारे बसे तराई के गांवों को छोड़ बाकी जगह के हैंडपंप फेल हो चुके हैं। जल स्तर में लगातार हो रही गिरावट के कारण आने वाले दिनों में समस्या भयावह हो सकती है। जानकारी के बाद भी जल निगम या ब्लाक प्रशासन की तरफ से कोई पहल नहीं हो रही है।
नेवादा विकास खंड में 74 ग्राम सभा हैं। यहां लोगों को पेयजल के लिए 4662 हैंडपंप लगाए गए हैं। इन दिनों यमुना की तराई को छोड़ शेष तकरीबन 50 गांवों में जल संकट गहरा गया है। गांवों में लगे ज्यादातर हैंडपंप फेल हो चुके हैं। उनमें पानी नहीं आ रहा है। सबसे हैरानी करी बात यह है कि खराब हो चुके हैंडपंप के बाबत विकास व जल निगम के पास कोई आंकड़ा नहीं है। हालात इतने बदतर हैं कि लोगों के घरों में लगे निजी हैंडपंप व सबमर्सिबल भी पानी नहीं दे रहे हैं।
इलाकाई लोगों की माने तो विकास खंड इलाके में जल स्तर ऊपर था। इसलिए सौ या 120 फिट के बोर पर लोगों को पानी मिल जाता था। इस बार बरसात भी कम हुई और जल स्तर भी घट गया। इसके कारण हैंडपंप व सबमर्सिबल पानी नहीं दे रहे हैं। ब्लॉक क्षेत्र के भगवानपुर बहुंगरा, जठिया, किशुनपुर अम्बारी, चित्तापुर, हर्रायपुर, खोंपा, चंदूपुर अमरायन, डहिया अमिरसा, कोटिया, घोंसिया, पुरे हजारी, जवाहरगंज सुरसेनी, आदि गांवों में हैंडपम्प, घरेलू सबमर्सिबल व निजी नलकूप पानी छोड़ रहे हैं। कुछ हैंडपंपों ने पानी ही देना बंद कर दिया। चित्तापुर के प्रधान राजेश त्रिपाठी का कहना है कि अगर अभी भी विभाग के लोगों ने नहीं चेता तो इलाके में पानी के लिए मारा-मारी मच सकती है। लोग हैंडपंपों पर लाइन लगाकर पानी भरते हैं। जल स्तर में लगातार गिरावट आ रही है। किशुनपुर अम्बारी, प्रधान प्रतिनिधि पिंटू सिंह का कहना है कि अब नए हैंडपंप या रीबोर को लेकर जिले के अफसरों ने 240 फिट पर बोर कराने का निर्देश दिया है। इससे पहले ब्लाक क्षेत्र के गांवों में 100 या 120 फिट पर पानी मिल जाता था। नए हैंडपंप इसी मानक के हिसाब से लगवाए जा रहे हैं।
जिन गांवों में जल संकट है वहां सप्लाई लाइन में दो से तीन पाइप बढ़वाए जा रहे हैं। नए हैंडपंप व रीबोर 240 फिट पर कराने का निर्देश दिया गया है। यह बात सही है कि जल स्तर में गिरावट होने के कारण ब्लाक क्षेत्र में पानी की समस्या बढ़ी है। इसके समाधान का प्रयास किया जा रहा है।
चंद्रभान सिंह, एडीओ पंचायत नेवादा।