सिराथू ब्लांक के मानपुर गौरा गांव में बंद पडा आरआरसी सेंटर
ब्लॉक के मॉडल गांवों में 2.37 करोड़ से बनाए गए कूड़ा निस्तारण केंद्र (आरआरसी) कागजों पर तो चल रहे हैं लेकिन कई गांव में आज भी गंदगी का अंबार लगा है। हालत यह है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में चयनित अहिंरारा, खनवारी और ऊलाचूपुर ग्राम पंचायतों में राशि खर्च होने के बावजूद आरआरसी सेंटर, खाद गड्ढा व नाडेप (एक जैविक खाद बनाने की विधि) का निर्माण तक नहीं हुआ।
एडीओ पंचायत विश्व बंधु ने बताया कि ब्लॉक की 79 में से 36 ग्राम पंचायतों में आरआरसी सेंटर संचालन हो रहा है। जबकि बाकी गांवों में स्वयं सहायता समूह न बनने के कारण काम रुका है।
बृहस्पतिवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने मधवामई, करनपुर सौरई, मानपुर गौरा, नारा, खैनी, फतेहपुर बेला और उदिहिन खुर्द की पड़ताल की। जहां कूड़ा निस्तारण केंद्र तो मिले लेकिन उनका संचालन बंद पाया गया। ग्रामीणों ने बताया कि गांवों में कूड़े के ढेर लगे हैं और नाली निर्माण न होने से जलभराव की समस्या बढ़ती जा रही है।
हाल ही में डीएम अमित पाल ने सरसवां ब्लॉक के पुनवार गांव में बंद पड़े कूड़ा निस्तारण केंद्र की जांच की थी। उस दौरान उन्होंने सभी गांवों में संचालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया था। जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि मॉडल गांवों में कूड़ा निस्तारण केंद्र का संचालन अनिवार्य है। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
सिराथू ब्लांक के मानपुर गौरा गांव में बंद पडा आरआरसी सेंटर