अनियमित खानपान और बदलती जीवनशैली के कारण लोगों में विटामिन-डी और कैल्शियम की कमी तेजी से बढ़ रही है। मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग में रोज बड़ी संख्या में मरीज इस समस्या के साथ पहुंच रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज हड्डीरोग विभाग के डॉक्टरों का कहना है कि ओपीडी में रोजाना 40 से अधिक मरीजों में विटामिन-डी की कमी पाई जा रही है, जबकि 10 से अधिक मरीज कैल्शियम की कमी से जूझ रहे हैं। इन मरीजों में हड्डियों में दर्द, कमजोरी, थकान और जोड़ों में जकड़न जैसी शिकायतें मिल रही हैं। विशेषज्ञ डॉ. प्रांजल मिश्रा और डॉ. मोहित पटेल ने कहा कि धूप में कम समय बिताना, जंक फूड का अधिक सेवन और संतुलित आहार की कमी इसके प्रमुख कारण हैं। खासकर युवा वर्ग और महिलाएं इस समस्या की चपेट में तेजी से आ रहे हैं। डॉक्टर मरीजों को उपचार देने के साथ ही सलाह दे रहे हैं कि रोजाना सुबह की धूप लें और दूध, दही, हरी सब्जियां एवं कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन बढ़ाएं। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो यह समस्या आगे चलकर हड्डियों से जुड़ी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है।
विटामिन-डी और कैल्शियम की कमी के लक्षण :
- हड्डियों और जोड़ों में लगातार दर्द।
- मांसपेशियों में कमजोरी और ऐंठन।
- जल्दी थकान और शरीर में सुस्ती।
- दांत कमजोर होना या दर्द होना।
- कमर, पीठ और घुटनों में दर्द।
- चक्कर आना या कमजोरी महसूस होना।
- चलने-फिरने में दिक्कत, शरीर में जकड़न।