सऊदीअरब में बंद जिले के चार युवकों को सांसद भूल गए हैं। वह भी उनके घर जाने के बाद। सिराथू के टीकरडीह गांव के युवकों को पहले कपिल ने बंधक बनाया था, वहां से आजाद हुए तो सऊदी पुलिस ने इनको कैद कर लिया। सांसद ने वादा किया था वह जल्द से जल्द इनको बुलाएंगे, लेकिन गांव से वापस आते ही सांसद इनको चुनावी वादों की तरह भूल चुके हैं। इनकी वापसी की सारी पहल ठंडे बस्ते में डाल दी गई है।
सिराथू के टीकरडीह गांव निवासी मक्खन लाल, रमेश व गनेश और कादीपुर निवासी ओमप्रकाश ढाई महीने से सऊदीअरब में फंसे हैं। पहले यह हॉयल के निलहज्जा में कपिल के यहां बंधक थे। किसी तरह विरोध करके वहां से छूटे तो राजधानी रियाद में आकर फंस गए। एक हफ्ता पहले इनको सऊदी पुलिस ने अकामा(निवास) न होने पर पुलिस ने जेल में डाल दिया है। पखवारा भर पहले इन युवकों के घर भाजपा सांसद विनोद सोनकर गए थे।
परिजनों से मिलकर आश्वासन दिया था कि वह जल्द ही इनको आजाद कराने के लिए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से बातचीत करेंगे। काफी समय बीत गया, लेकिन सांसद की ओर से अब तक कोई पहल नहीं हुई। सऊदीअरब में फंसे युवक आजाद होने के बाद जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गए। मक्खन के पिता लल्लू का कहना है कि कहीं से कोई मदद नहीं मिल रही है। सांसद से बड़ी उम्मीद थी, लेकिन वह गांव से गए तो दोबारा कभी पलटकर नहीं पूछा कि उनके बेटों का क्या हाल है। बताया कि रमेश व गनेश की मां रात-रात भर रोती हैं। जब-जब उनकी याद आती हैं, परिजन आंसू बहाने लगते हैं। उनके आंसुओं का कोई मोल नहीं रह गया है। अभी तक एजेंट के खिलाफ एफआईआर तक नहीं लिखी गई है।
मक्खन के पिता पर दबाव बना रहा एजेंट
मक्खन के पिता लल्लू पर एजेंट शमीम समझौते के लिए दबाव बना रहा है। इसके लिए लल्लू को प्रलोभन भी दिया जा रहा है। इस पर लल्लू ने एतराज जताया है। उनका कहना है कि उनका बेटा व गांव के तीन लोग फंसे हैं और शमीम दबाव बना रहा है। यह सब पुलिस की ढ़िलाई की वजह से हो रहा है। बताया कि माह भर हो गया है शिकायती पत्र दिए, लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई। जिसका फायदा एजेंट उठा रहा है।