फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सांसद के गांव में बीमारियों का डेरा

Tue, 27 Jun 2017 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
विज्ञापन
कौशाम्बी
विज्ञापन
शमसाबाद गांव को सांसद विनोद सोनकर ने आदर्श गांव का तमगा तो दे दिया लेकिन सुविधाएं नहीं दे सके। सांसद के गांव में गंभीर रोगोें से बीमार जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं लेकिन वे रुपये के अभाव में अपना इलाज नहीं करा पा रहे हैं। डॉक्टरों की निगरानी में भी इस गांव में फाइलेरिया के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। राजकीय होम्योपैथी अस्पताल होने के बावजूद यहां के मरीजों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
विज्ञापन


 आदर्श गांव शमसाबाद की हकीकत यहां के मरीज बयां कर रहे हैं। फाइलेरिया जैसी खतरनाक बीमारी से मनोज कुमार, महेश कुमार, नत्त्थू, सौरभ, मीरा देवी, रजनिया, कलुई, विजय समेत 13 लोग पीड़ित हैं। जिले का इकलौता ऐसा गांव हैं जहां सबसे ज्यादा फाइलेरिया के मरीज हैं। तत्कालीन सीएमओ डॉ. दयाराम वर्मा ने इस गांव की डॉक्टरों से निगरानी शुरू कराई थी। डॉक्टर मरीजों की हर माह जांच कर रिपोर्ट तैयार करते थे। उनका तबादला होते ही निगरानी हवा हवाई हो गई और चार मरीज और बढ़ गए। इनके अलावा विनोदनी देवी कैंसर से पीड़ित है। आर्थिक हालत ठीक नहीं है। इसलिए वह अपना इलाज नहीं करा पा रही है। इसके अलावा सरदार पेट व जगन्नाथ गले की गंभीर बीमारी की चपेट में हैं। विनोदनी, सरदार और जगन्नाथ जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।

रुपया न होने के कारण वे मौत के मुंहाने पर खडे़ हैं। सांसद को इसकी जानकारी है। इसके बावजूद इनका इलाज नहीं हो पा रहा है। इलाज में मोटी रकम का खर्च है। इसलिए सरकारी डॉक्टरों ने भी इनकी ओर से मुंह मोड़ रखा है। फाइलेरिया के मरीज चलने-फिरने को मोहताज हैं। शमसाबाद गांव में राजकीय होम्योपैथी अस्पताल है। इसके बावजूद इनका इलाज वहां नहीं हो पा रहा है। इलाज न होने से मरीज व उनके परिजन आक्रोशित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव को गोद लेने के बाद सांसद ने बड़े-बड़े वादे किए थे। सांसद ने कहा था कि इस गांव के हर व्यक्ति का सुख-दुख उनका अपना होगा। लोग आज बीमारी की वजह से दुख में हैं लेकिन उनका कोई हाल तक जानने नहीं आ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें