सदर तहसील के जाफरपुर महावा गांव में 50 बीघे तालाब की भूमि पर अवैध कब्जा कर ग्रामीण खेती कर रहे थे। शिकायत के बाद एसडीएम सदर आकाश सिंह ने बृहस्पतिवार को पुलिस व राजस्व टीम के साथ गांव पहुंचकर तालाब की भूमि कब्जा मुक्त कराई। साथ ही भूमि पर बोई गई गेहूं की फसल को ग्राम प्रधान के सुपुर्द कर दिया। प्रशासनिक कार्रवाई से कब्जेदारों में खलबली है।
जाफरपुर महावा गांव स्थित तालाब की भूमि पर अवैध कब्जा कर करीब 25 ग्रामीण हर सीजन में धान, सरसों, गेंहू की बोआई कर रहे थे। इसकी शिकायत गांव के ज्ञान चंद्र सरोज ने पिछले दिनों एसडीएम सदर आकाश सिंह से की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने नायब तहसीलदार करारी मोबिन अहमद व कानूनगो, हल्का लेखपाल की टीम भेजकर कब्जेदारों को फसल काटने की चेतावनी दी थी।
महीने भर बाद भी किसी ने तालाब की भूमि पर लगाई गई फसल नहीं काटी तो बृहस्पतिवार को एसडीएम ने खुद तहसीलदार भूपाल सिंह के साथ पुलिस व राजस्व टीम लेकर मौके पर पहुंच गए। नापजोख कराने पर पता चला कि 50 बीघे भूमि पर ग्रामीणों ने कब्जा कर फसल बो रखी है।
खेत में तैयार तीन बीघे सरसों की फसल को कंबाइन मशीन से कटवाकर पंचायत भवन में रखवा दिया। शेष 47 बीघे गेहूं की खड़ी फसल को तैयार होने तक ग्राम प्रधान के हवाले कर दिया। इस फसल को बेचकर मिलने वाली रकम राजस्व विभाग के सरकारी खजाने में जमा कराई जाएगी। एसडीएम ने चेताया कि यदि किसी ने फसल काटी तो उसके खिलाफ कार्रवाई कर दी जाएगी। कार्रवाई में कानूनगो बसंत लाल लेखपाल हिमांशी निमेश, कुलदीप शुक्ला सहित मौजूद रहे।