जिलाधिकारी को ज्ञापन देने जाते डहिया गांव के लोग। संवाद
बौद्ध सर्किट फोरलेन सड़क निर्माण के दायरे में आने से करीब 200 वर्ष पुराने प्राचीन शिव मंदिर को क्षति पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। सोमवार को ग्रामीणों ने मंदिर के निकट प्रदर्शन करते हुए जिलाधिकारी से मंदिर को बचाने की गुहार लगाई है।
डाहिया गांव निवासी श्रीधर शुक्ला, शारदा प्रसाद शुक्ला, श्याम शुक्ला और संजय शुक्ला आदि ग्रामीणों ने बताया कि प्राचीन शिव मंदिर से स्थानीय लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। प्राचीन कलाकृतियों से सुसज्जित यह मंदिर सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर का प्रतीक है। यहां प्रतिदिन शिव पाठ और हर मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ होता है।
उन्होंने बताया कि शिवरात्रि के अवसर पर हजारों शिवभक्त यहां पूजा-अर्चना करते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, बौद्ध सर्किट फोरलेन सड़क चौड़ीकरण परियोजना के कारण मंदिर का एक हिस्सा प्रभावित हो रहा है, जिससे इसकी भव्यता और सौंदर्य नष्ट हो जाएगा। उन्होंने उत्तर दिशा में उपलब्ध खाली भूमि पर सड़क निर्माण कराने की मांग की है, ताकि धार्मिक स्थल सुरक्षित रहे।
ग्रामीणों ने मंदिर के समीप प्रदर्शन के बाद डीएम को ज्ञापन सौंपकर मंदिर क्षतिग्रस्त होने से बचाने की मांग की है। डीएम मधुसूदन हुल्गी ने भी ग्रामीणों को मदद का भरोसा दिया है।