अभिलेख ही लेकर गायब हो गए वीडीओ
डीडीओ ने एक को प्रतिकूल प्रविष्टि तो दूसरे को जारी की कारण बताओ नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। ग्राम पंचायतों में कराए गए विकास कार्यो की जांच में खुद की गर्दन फंसती देख ग्राम विकास अधिकारी (वीडिओ) अभिलेख ही लेकर गायब हो गए। मामले की जानकारी से नाराज जिला विकास अधिकारी ने एक को प्रतिकूल प्रविष्टि तो दूसरे को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
सिराथू विकास खंड के बारातफारीक गांव में पुनीत सिंह ग्राम विकास अधिकारी हैं। गांव के खेलाड़ी ने जिलाधिकारी से पिछले दिनों शिकायत किया था कि गांव में 68 लाख, 21 हजार 603 रुपया विकास कार्यो में खर्च दिखाया गया है। जबकि हकीकत में यहां पर कोई विकास कार्य हुआ ही नहीं। पैसे के बंदरबांट का भी आरोप लगाया। डीएम के निर्देश पर डीडीओ विजय कुमार प्रकरण की जांच एडीओ पंचायत को सौंपी। जांच अधिकारी ने वीडीओ से अभिलेख मांगे तो वह गायब हो गया। काफी प्रयास के बाद भी पुनीत अभिलेख नहीं दे सका। एडीओ ने इसकी रिपोर्ट डीडीओ से की। डीडीओ विजय कुमार ने मामले में नाराजगी जाहिर करते हुए पुनीत के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी की है। नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई करने की चेतावनी दिया गया है। इसी तरह सरसवां गांव के अनिल ओझा ने शौचालय निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत जिलाधिकारी से की थी। डीएम ने इस मामले की जांच भी डीआईओएस को दी। 28 अगस्त को जांच अधिकारी सरसवां पहुंचे लेकिन वीडीओ अनिल त्रिपाठी वहां अभिलेखो के साथ नहीं पहुंचा। जांच अधिकारी की रिपोर्ट पर डीडीओ ने अनिल के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की है।