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यूपी बोर्ड क्षेत्रीय कार्यालयों में बाबुओं का राज

Thu, 09 Jul 2015 02:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालयों में इन दिनों बोर्ड परीक्षा 2015 की गड़बड़ी सुधरवाने के लिए प्रदेश के कोने-कोने से छात्र-छात्राएं एवं अभिभावक पहुंच रहे हैं। बोर्ड में अधिकारी से मिलकर अंकपत्र की गड़बड़ी दुरुस्त करवाने के आदेश जारी करवाने के बाद भी अभिभावकों का काम नहीं हो पा रहा है। बड़ी संख्या ऐसे अभिभावकों की है, जो 2013, 2014 परीक्षा की गड़बड़ी दुरुस्त कराने पहुंच रहे हैं। क्षेत्रीय कार्यालय में बाबुओं का राज है, वह क्षेत्रीय अधिकारी का आदेश लेकर टहल रहे छात्र-छात्राओं को यह कहकर टाल रहे हैं कि जाओ अधिकारियों से काम करवा लो। बोर्ड की ओर से जारी अंकपत्र में नाम, जन्मतिथि, पिता का नाम एवं विषय में गड़बड़ी की ढेरों शिकायत है। बोर्ड मुख्यालय और क्षेत्रीय कार्यालय में इस तरह की शिकायतों का ढेर लगा है।
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इस वर्ष बारहवीं की परीक्षा पास करने वाले लगभग सभी छात्र-छात्राएं उच्च कक्षाओं में प्रवेश के लिए इस समय शैक्षिक संस्थानों का चक्कर लगा रहे हैं। बोर्ड पहुंचने वाले बड़ी संख्या में फरियादी यह आरोप लगा रहे हैं कि सीबीएसई एवं सीआईएससीई से 12 वीं की परीक्षा पास करने वाले छात्रों के अंकपत्र में कोई गड़बड़ी नहीं है, जो थी उसे भी तत्काल सुधार करके संशोधित अंकपत्र जारी कर दिया गया जबकि यूपी बोर्ड में उनकी शिकायत सुनने वाला कोई नहीं है।

केस-1: फतेहपुर से अपनी बेटी सुप्रिया के अंकपत्र में जन्मतिथि की गड़बड़ी सुधरवाने पहुंचे आरएन पांडेय ने बताया कि बोर्ड की एक छोटी सी चूक के कारण उनकी बेटी को यूपीटीयू की एसईई काउंसलिंग में शामिल होने का मौका नहीं मिल सका, उनका कहना है कि यदि समय रहते बोर्ड ने अंकपत्र नहीं सुधारा तो उनकी बेटी का एक साल खराब हो सकता है।
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केस-2: हमीरपुर के अमित सिंह इस वर्ष बारहवीं की परीक्षा मानविकी वर्ग से पास किए हैं। उनके अंकपत्र में पिता के नाम में गलती हो गई है। इस कारण से हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के अंकपत्र में मेल नहीं होने के कारण अमित स्नातक कक्षाओं में प्रवेश नहीं ले पा रहे हैं। इस छात्र का कहना है कि बोर्ड में अंकपत्र में संशोधन के लिए आवेदन किया है। यहां कोई सुनने वाला नहीं है।
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