वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश किया। शिक्षा, रोजगार, बुनियादी ढांचा, रेलवे कॉरिडोर और विदेश में सस्ती शिक्षा को लेकर कई अहम घोषणाएं की गईं। बजट को लेकर जिले के व्यापारियों ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी। कुछ कारोबारियों ने बजट को संतुलित बताया, जबकि कई व्यापारियों का कहना है कि यह उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका।
वित्त मंत्री ने कैंसर व दुर्लभ बीमारियों के दवाओं पर आयात शुल्क में छूट देकर राहत दी है। यह बजट आम जनमानस की अपेक्षाओं को पूरा करता है। आयकर रिटर्न दस्तावेजों में किसी भी तरह की भूल होने पर सजा की जगह जुर्माना की घोषणा की है जिससे उद्योगपतियों और व्यापारियों का सम्मान बचेगा जो प्रशंसनीय है। प्रवेश कुमार केसरवानी जिलाध्यक्ष व्यापार मंडल
केंद्रीय बजट में आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। संशोधित आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है। एक अप्रैल से नए आयकर कानून लागू होंगे। मोटर दुर्घटना क्लेम की राशि पर टीसीएस नहीं लगेगा और उस पर मिलने वाला ब्याज आयकर मुक्त रहेगा। आयकर और जीएसटी के कठोर कानूनों में कोई राहत नहीं दी गई है। किसानों के हित में भी कोई बड़ा निर्णय नहीं हुआ है। हालांकि, तीन नए आयुर्वेदिक एम्स खोलने और लघु उद्योगों के प्रोत्साहन की घोषणा स्वागत योग्य है।- आरपी मिश्रा (एडवोकेट) जीएसटी आयकर विशेषज्ञ,अध्यक्ष जिला कर अधिवक्ता संगठन
‘कॉर्पोरेट मित्र’ की नियुक्ति और छोटे शहरों में आर्थिक क्लस्टर के विकास से स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। बजट में भविष्य की योजनाएं सराहनीय हैं, लेकिन जीएसटी के जटिल नियमों और पेनल्टी प्रावधानों में अपेक्षित राहत न मिलने से व्यापारी वर्ग निराश है। अरविंद जयप्रकाश केसरवानी जिलाध्यक्ष, राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार
यह बजट भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में एक साहसिक कदम है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए 10,000 करोड़ रुपये का विकास कोष और आत्मनिर्भर भारत कोष में अतिरिक्त निवेश छोटे व्यापारियों के लिए बड़ी राहत देगा। - नीरज बनारसी, अध्यक्ष भरवारी, राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन
केंद्रीय बजट करदाताओं विशेष रूप से नौकरी पेशा से जुड़े लोगों को निराश कर गया। आयकर में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। शेयर बाजार में होने वाले ट्रांजेक्शन पर टैक्स की दर 0.002% से बढ़ाकर 0.005% कर दी गई। व्यापार, कृषि क्षेत्र से जुड़े मध्यम और निम्न श्रेणी के लोगों के लिए कोई बड़ी राहत नहीं प्रदान की गई है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रक्षा क्षेत्र में प्रस्तुत बजट सराहनीय है। शुभम मिश्रा एडवोकेट, कर विशेषज्ञ
बजट सभी वर्गों के लिए हितकारी होगा। उद्योग-व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। नागरिकों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। सभी वर्ग के लिए यह बजट मील का पत्थर साबित होगा। - रमेश अग्रहरि, प्रांतीय वरिष्ठ महामंत्री उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल
रमेश अग्रहरि
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