रायबरेली से इलाज कराकर लौट रहे एक परिवार की कार मंगलवार देर रात नीलगायों के झुंड से बचने के प्रयास में अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बांस की कोठी में जा घुसी। हादसे में कंपाउंडर समेत चार लोग घायल हो गए।
उदयपुर के शोभासिंह का पुरवा निवासी ज्ञानेंद्र सिंह राहाटीकर पीएचसी में कंपाउंडर हैं। मंगलवार को वह अपने सेवानिवृत्त शिक्षक पिता योगेंद्र सिंह को इलाज के लिए ऊंचाहार, रायबरेली ले गए थे। उनके साथ चचेरे भाई उपेंद्र सिंह और पुत्र उज्ज्वल भी कार में सवार थे।
रात करीब दो बजे घर लौटते समय ननैया गांव स्थित नहर पुलिया के पास अचानक नीलगायों का झुंड सड़क पार करने लगा। उन्हें बचाने के प्रयास में कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बांस की कोठी में जा घुसी। हादसे में चारों कार सवार घायल हो गए।
घायलों को सीएचसी सांगीपुर ले जाया गया। जहां से गंभीर हालत में ज्ञानेंद्र और उपेंद्र को मेडिकल काॅलेज के लिए रेफर कर दिया गया। कुछ देर बाद परिजन दोनों को इलाज के लिए एम्स रायबरेली ले गए।