छेकवा यमुना घाट पर डूबने वाले शिवम के बचपन में ही उसके पिता जग्गू का निधन हो गया था। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, ऐसे में उसकी परवरिश और पढ़ाई की जिम्मेदारी मामा सूरज ने संभाली। मंगलवार को शिवम का शव देख सूरज बेहोश हो गए। हालत अच्छी नहीं है।
शिवम का जीवन संघर्ष से भरा था। पिता की मौत के बाद वह मां साथ पहले तो मध्य प्रदेश के नागौध में रहा। फिर ननिहाल आ गया था। छेकवा निवासी राम मिलन बतातें हैं कि शिवम पढ़ाई में सामान्य था। व्यवहार में सरल और मिलनसार था। वह हाईस्कूल की परीक्षा देने के लिए इन दिनों ननिहाल में ही रह रहा था। मामा सूरज उसे बेटे की तरह मानते थे और उसकी पढ़ाई को लेकर काफी गंभीर रहते थे।
हादसे की खबर मिलते ही सूरज बदहवास होकर घाट की ओर दौड़े। शव देखकर बेहोश हो गए। अभी तक उनकी हालत ठीक नहीं हो सकी। शिवम परिवार की उम्मीद था।उसकी असमय मौत से मां और मामा पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं कुलदीप के परिवार में भी शोक का माहौल है।