कानपुर-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण का काम पूरा हो गया, लेकिन अजुहा में न तो बाईपास बना और न ही छह लेन का ओवरब्रिज। व्यापारियों ने यह मांग उठाई तो भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने कंसलटेंट की नियुक्ति की कवायद शुरू की थी। ताकि सर्वे कराया जा सके। तीन महीने बीत गए कंसलटेंट की नियुक्ति न हो सकी।
एनएचएआई ने कानपुर-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग का चकेरी से लेकर कोखराज तक चौड़ीकरण कराया है। अजुहा में एनएच को चार से छह लेन में तब्दील किया जाना था। इस चौड़ीकरण से कस्बे के व्यापारियों व लोगों को काफी नुकसान होता, इसलिए विरोध हो गया। इसकी वजह से एनएचएआई ने यहां काम शुरू ही नहीं किया।
चौड़ीकरण की जगह लोगों ने सिंगल पिलर वाले ओवरब्रिज के निर्माण की मांग की थी, जो अब तक पूरी नहीं हुई। यहां पर ओवरब्रिज बनाना उचित रहेगा या बाईपास। इन दोनों में सबसे कम खर्च किस पर आएगा। ऐसे ही कई बिंदुओं पर कंसलटेंट से सर्वे कराया जाना है। इसके लिए एनएचएआई के परियोजना निदेशक ने उच्चाधिकारियों को करीब तीन महीने पहले पत्र लिखा था। यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी।
फिलहाल, अजुहा में विकास का काम रुका होने से कस्बे में लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। इसकी वजह से आए दिन हादसे भी होते रहते हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग के आंकड़े
लंबाई- 145 किमी
लागत- 5200 करोड़ रुपये
काम शुरू- वर्ष 2019
काम पूरा - वर्ष 2024
अजुहा में छूटी सड़क- दो किमी
कस्बे में हाईवे पर सिंगल पिलर ओवरब्रिज बनवाने की मांग की गई है। इस पुल के बनने से लोगों को नुकसान कम होगा, लेकिन अफसरों ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
रमेश चंद्र अग्रहरि, व्यापार मंडल अध्यक्ष
राष्ट्रीय राजमार्ग का चौड़ीकरण न होने से आए दिन जाम लगता है। अक्सर सड़क हादसे होते रहते हैं। यह एक बड़ी समस्या बन गई है। इसका निस्तारण नहीं हो रहा है।
अब्दुल कलाम, मौलाना आजाद नगर
अजुहा में बाईपास बनाया जाए या ओवरब्रिज, इसके सर्वे के लिए कंसलटेंट नियुक्त किया जाना है। उच्चाधिकारियों को तीन महीने पहले पत्र लिखा गया था। अब तक जवाब नहीं आया। इसलिए निर्माण अटका है।
अमर रोहिल्ला
पीडी, एनएचएआई