सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिराथू (सीएचसी) में डेढ़ साल पहले अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित की गई थी, लेकिन ऑपरेटर की तैनाती न होने के कारण अब तक मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। परिणाम स्वरूप गर्भवती महिलाओं सहित अन्य मरीजों को निजी जांच केंद्रों का रुख करना पड़ रहा है, जहां उनसे मनमाने शुल्क वसूले जा रहे हैं।
ब्लॉक की तीन लाख की आबादी के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिराथू में प्रसव, ऑपरेशन, एक्स-रे, सीबीसी खून जांच, इमरजेंसी सहित ओपीडी में इलाज की व्यवस्था है। ऐसे में प्रतिदिन लगभग 500 मरीजों का उपचार होता है।
अस्पताल में जांच की सुविधा को लेकर डेढ़ साल पहले अल्ट्रासाउंड मशीन भेजी तो गई है, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं न होने से पेट सहित अन्य बीमारी से ग्रसित मरीजों की जांच नहीं हो पाती है। हालांकि गर्भवती महिलाओं के लिए स्थानीय प्राइवेट सेंटर में जांच की व्यवस्था की गई है। छह महीने से बजट न मिलने से जांच नहीं हो पा रही है।
नगिया मई गांव के शराफत अली ने बताया कि अल्सर बीमारी होने पर पेट के अल्ट्रासाउंड की जांच कराने के लिए डॉक्टर ने बताया है। ऐसे में सीएचसी में सुविधा न होने से पैसे खर्च कर बाहर जांच करवाना पड़ रहा है।
करनपुर सौरई की गर्भवती शोभा देवी ने बताया जांच के लिए अस्पताल के कई बार चक्कर लगाने पड़े लेकिन जांच नहीं हो पाई जिससे मजबूरन निजी सेंटर में जाकर अल्ट्रासाउंड कराना पड़ा है।
खनवारी गांव की सुनीता का कहना है सरकार की ओर से भले ही बेहतर चिकित्सीय सेवाओं के दावे किए जा रहे हों, लेकिन अस्पतालों में डॉक्टर और उपकरणों की कमी होने से मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिराथू में मार्च महीने में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती हो जाएगी। गर्भवती महिलाओं व जरूरतमंद मरीजों की जांच की सुविधा के लिए प्राइवेट जांच केंद्र से अनुबंध है। बजट मिल गया है जिससे मरीजों को सुविधा दी जा रही है। -संजय कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी