Two people, including advocate of District Court, Corona positive, ten patients recover
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मंझनपुर। कोरोना संक्रमण के लिहाज से शनिवार का दिन अच्छा रहा। इस दिन केवल दो लोग पॉजिटिव मिले। वहीं दस मरीज ठीक हुए हैं। संक्रमितों में जिला कचहरी के एक अधिवक्ता भी शामिल हैं। इसके चलते अधिवक्ता पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहे। उधर, प्रशासन ने कचहरी परिसर को सैनिटाइज भी कराया।
संक्रमण की रोकथाम के लिए शनिवार को भी जिलेभर में शिविर लगाकर 1520 संदिग्धों की कोविड जांच कराई गई। इनमें से 974 का एंटीजन टेस्ट हुआ। जबकि 546 संदिग्धों का स्वॉब सैंपल लेकर आरटीपीसीआर जांच के लिए प्रयागराज भेजा गया। सर्विलांस अधिकारी डॉ. यश अग्रवाल ने बताया कि विभिन्न माध्यमों से आई जांच रिपोर्ट में केवल दो संक्रमित मिले हैं। इनमें जिला कचहरी के एक अधिवक्ता भी शामिल हैं। वहीं दस मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। बताया कि अब तक मिले 1985 संक्रमितों में 1898 ठीक हो चुके हैं। इसी के चलते जिले का रिकवरी रेट उछलकर 95.6 फीसदी पहुंच गया है। फिलहाल 63 मरीजों का ही इलाज चल रहा है।
निजी अस्पताल पर शोषण का आरोप, शिकायत
मंझनपुर। मुख्यालय स्थित एक निजी अस्पताल पर शनिवार को मरीज के परिजनों ने रुपये नहीं जमा करने पर इलाज में लापरवाही की शिकायत कोतवाली पुलिस से की है। आरोप है कि अस्पताल स्टाफ इलाज के नाम पर उनसे 70 हजार रुपये जमा करने का दबाव बना रहा है। अब न तो इलाज किया जा रहा है और न ही मरीज को डिस्चार्ज किया जा रहा है।
कोखराज थाना क्षेत्र के बम्हरौली (सुजातपुर) निवासी विजय कुमार पुत्र इंद्रपाल को परिजनों ने 30 अक्तूबर को मुख्यालय स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया। भर्ती करते समय पीड़ित ने पांच हजार और फिर चार नवंबर को नौ हजार रुपये जमा किया। अस्पताल ने इस रकम की कोई रसीद भी नहीं दिया। मरीज की बिगड़ती हालत देख परिजनों ने डाक्टरों से सवाल किया तो अस्पतालकर्मियों ने उनसे 70 हजार रुपये जमा करने के बाद ही मरीज ले जाने की बात कही। अस्पताल के रवैये से नाराज परिजनों ने मंझनपुर थाना पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। कोतवाल मनीष पांडेय ने बताया कि मामले की तहरीर मिली है, जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।