जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में 48 घंटे के दौरान हुए मार्ग हादसे
पुलिस और एंबुलेंसकर्मी घायलों को अस्पताल पहुंचाने में रहे परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर/पइंसा/नेवादा। होली के जश्न पर तेज रफ्तार और नशा का कहर हावी रहा। मंगलवार देर रात से शुरू हुआ हादसों का सिलसिला बृहस्पतिवार सुबह तक जारी रहा। होली मिलकर घर लौट रहे एक व्यक्ति की जहां मौत हो गई वहीं करीब 60 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस व एंबुलेंसकर्मी घायलों को अस्पताल पहुंचाने में परेशान रहे। वहीं एक अन्य हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई। दो लोग घायल हो गए।
पइंसा कोतवाली के लोधन का पुरवा निवासी ओम प्रकाश उर्फ लाला (45) बृहस्पतिवार शाम घर से पैदल कैमा गांव में होली मिलने गया था। शाम को वह पैदल घर लौट घर जा रहा था। जैसे ही कैमा गांव के बाहर स्थित एक भट्ठे के समीप पहुंचा तभी तेज रफ्तार किसी वाहन ने ओम प्रकाश को टक्कर मार दी। हादसे में ओम प्रकाश को गंभीर चोट आई। घटना देख स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। ओम प्रकाश को इलाज के लिए ले जाने की व्यवस्था की जा रही थी तब तक ओम प्रकाश की मौत हो गई।
इसी तरह सैनी कोतवाली के डोलची गांव के समीप बृहस्पतिवार सुबह बाइक सवार एक युवक को किसी वाहन ने टक्कर मार दी। बताया जाता है कि युवक नशे में था। घटना देख किसी राहगीर ने एंबुलेंस को फोन किया। एंबुलेंसकर्मी अंकित पाठक जख्मी युवक को जिला अस्पताल लाया। युवक की पहचान नहीं हो सकी है। मामले की जानकारी पुलिस को भी दी गई है। इसी तरह कड़ा के शिवम विश्वकर्मा, टेवां के प्रदीप, घासीपुर के मोहनचंद्र, पूरब शरीरा के मोहनचंद्र, दरियापुर के रामबाबू, पूरबशरीरा के योगेंद्र सिंह, इमामगंज के राजेश, पश्चिमशरीरा के सद्दाम, पुनवार के मनोज, मोहनपुर के वनवारी सहित करीब 62 लोग अलग-अलग हादसों का शिकार हो गए। इन्हें भी जिला अस्पताल ले जाया गया था।
वहीं सरायअकिल कोतवाली के खोंपा गांव के मजरा पसियाना में रहने वाली उर्मिला देवी ने बताया कि बुधवार को उसका पति गणेश (35) साथी चरन सिंह के होली मिलने गया था। वहां से शाम को दोनों लोग बाइक से घर लौट रहे थे। जैसे ही वह लोग बेनीराम कटरा चौराहे के समीप पहुंचे तभी सामने से आ रहे बाइक सवार से टक्कर हो गई। हादसे में गणेश की मौके पर ही मौत हो गई। चरन व दूसरी बाइक पर सवार रहा व्यक्ति जख्मी हो गए। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बुधवार से लेकर बृहस्पतिवार तक इमरजेंसी ड्यूटी के दौरान करीब 60 लोग हादसों में घायल हो गए थे। ये जिला अस्पताल पहुंचे थे। जख्मी लोग या तो तेज रफ्तार वाहन या फिर नशे की हालत में होने के कारण घटना का शिकार हुए थे। घायलों का उपचार किया गया। गंभीर रूप से लोगों को इलाज के लिए प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल रेफर किया गया है।-डॉ. वैभव केसरवानी, चिकित्सक जिला अस्पताल (इमरजेंसी ड्यूटी)