मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दीपक कुमार जायसवाल ने मारपीट का जुर्म कुबूल करने पर दो अलग-अलग मामलों के आरोपियों को अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की अदायगी नहीं करने पर दोनों को 20 दिन के कारावास की सजा सुनाई है।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में बुधवार को मारपीट के दो अलग-अलग मामलों में आरोपितों की ओर से जुर्म कबूल करने की अर्जी लगाई गई। पहली अर्जी कोखराज कोतवाली के सैंता निवासी सोनू ने पेश की।
सोनू के खिलाफ वर्ष 2013 में मारपीट का मुकदमा कायम हुआ था। करीब एक दशक बीतने के बाद भी पुलिस की ओर से कोर्ट के समक्ष कोई गवाह पेश नहीं किए गए। इससे परेशान होकर सोनू ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया। इस पर सीजेएम दीपक कुमार जायसवाल ने सोनू को दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
इसी तरह से सैनी कोतवाली के बदलेपुर निवासी फूलचंद्र के खिलाफ वर्ष 2016 में मारपीट का मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस की तरफ से अब तक कोई भी गवाही नहीं पेश की गई। जुर्म कबूल करने पर कोर्ट ने फूलचंद्र को डेढ़़ हजार रुपये के अर्थ दंड से दंडित किया है।
अर्थदंड की अदायगी नहीं होने पर कोर्ट ने दोनों को 20-20 दिन के कारावास की सजा सुनाई। बुधवार की शाम दोनों आरोपियों ने अर्थदंड की रकम कोर्ट में जमा कर दी है।