पुलिस गिरफ्त में एंबुलेंस कर्मी आशीष मिश्र व नरेश सरोज। स्रोत : पु.मी. सेल।
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संदीपन घाट कोतवाली के हर्रायपुर चौकी से दो सौ मीटर दूर 31 जुलाई को सड़क किनारे बेसुध हाल में युवक को फेंकने वाले दो एंबुलेंस कर्मियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनकी लापरवाही के चलते युवक की दूसरे दिन अस्पताल में मौत भी हो गई थी। रविवार को पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने घटना का खुलासा किया। इसके बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भिजवाया गया।
हर्रायपुर चौकी से दो सौ मीटर दूर आलमचंद पुलिया के समीप एंबुलेंस पर सवार दो कर्मियों ने युवक को बेसुध हाल में सड़क किनारे फेंक दिया था। इसकी जानकारी लोगों ने पुलिस को दी तो उसे प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसकी इलाज के दौरान दूसरे दिन मौत हो गई।
वहीं, पुलिस ने चौकीदार कल्लू की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया। एसपी राजेश कुमार ने बताया कि संदीपन घाट पुलिस के अलावा एसओजी व सर्विलांस टीम को जांच के निर्देश दिए गए। सीसीटीवी कैमरा खंगालने के बाद एंबुलेंस नंबर के जरिये नरेश कुमार सरोज निवासी बिसारा, कोखराज व आशीष मिश्र निवासी चंदूपुर, सरायअकिल को तेरामील स्थित सैयद सरावां रोड से शनिवार रात पकड़ा गया।
पूछताछ में दोनों ने अपराध स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि 31 जुलाई की सुबह करीब आठ बजे फोन पर उन्हें सूचना मिली कि जहरखुरानी का शिकार एक अज्ञात व्यक्ति मुंडेरा मंडी प्रयागराज में बेहोशी हाल में पड़ा हुआ है। उसके मुंह से झाग निकल रहा था। सूचना के बाद दोनों मौके पर पहुंचे और युवक को एंबुलेंस से भगवतपुर स्थित हॉस्पिटल ले जा रहे थे।
बाद में दोनों ने चर्चा करते हुए कयास लगाया कि इस समय डॉक्टर अस्पताल में नहीं होंगे। युवक का कोई वारिस भी नहीं है। वार्ड बॉय अस्पताल में दाखिल भी नहीं करेंगे। नतीजतन दोनों कर्मी एंबुलेंस मोड़कर जीटी रोड होते हुए आलमचंद सीएचसी के लिए चल दिए। वहां भी डॉक्टर मौजूद नहीं थे। जिसके बाद उन्होंने युवक को अस्पताल से कुछ दूर पुलिया के समीप सड़क किनारे युवक को फेंक दिया। जिसके बाद युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई।