पश्चिमशरीरा के टहेरा गांव में दो वर्गों के बीच चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक पक्ष ने भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के लेटरपैड पर ग्रामीणों के हस्ताक्षर करवा कर तुगलकी फरमान जारी कर दिया। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है। हालांकि, जिलाध्यक्ष ने अपने पैड पर ऐसा कोई फरमान जारी करने से इन्कार करते हुए इसे संगठन को बदनाम करने की साजिश का आरोप लगाया है।
टहेरा निवासी राकेश सिंह व अतुल सिंह के बीच जलनिकासी का विवाद चल रहा है। इसे लेकर 23 अगस्त की रात दोनों पक्ष के बीच मारपीट हुई। शिकायत पर क्राॅस केस दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
इस बीच रविवार को भाकियू (टिकैत) के जिलाध्यक्ष चंदू तिवारी के नाम का एक लेटर पैड पुलिस के हाथ लगा। पुलिस के मुताबिक पैड पर लिखा है कि अतुल सिंह के पिता छेदीलाल सिंह का सामाजिक बहिष्कार किया जाता है। इनका गांव का कोई भी व्यक्ति किसी तरह की मदद नहीं करेगा। यदि किसी ने मदद कर दी तो उसे भी समाज से भी बहिष्कृत कर दिया जाएगा। इस पत्र में गांव के दो दर्जन ग्रामीणों के हस्ताक्षर भी हैं। ऐसे में एक बार फिर विवाद की संभावना बढ़ गई है।
टहेरा में दो पक्षाें के बीच चल रहे विवाद मामले में सामाजिक बहिष्कार संबंधी पत्र जारी करने की जानकारी मिली है। सभा में शामिल होकर पत्र पर हस्ताक्षर बनाने वालों की तलाश की जा रही है। सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आशुतोष सिंह, थानाध्यक्ष-पश्चिमशरीरा
-
मैंने ऐसा कोई पत्र जारी नहीं किया है। शायद किसी ने लेटरपैड चोरी कर संगठन को बदनाम करने की साजिश रची हो। जो भी हो इसका पता लगाकर ऐसा करने वाले कार्यकर्ता अथवा पदाधिकारी को संगठन से बाहर किया जाएगा।
- चंदू तिवारी, जिलाध्यक्ष, भाकियू (टिकैत)