पश्चिम शरीरा नगर अध्यक्ष व्यापार जितेंद्र कौशल
जीएसटी काउंसिल की बैठक में करदाताओं और व्यापारियों के हित में लिए गए निर्णयों का व्यापारिक संगठनों और कर अधिवक्ताओं ने स्वागत किया है। व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी नियमों में बदलाव से कारोबार करना आसान होगा और छोटे व्यापारियों को राहत मिलेगी। हालांकि, इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग भी उठाई गई है।
राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन के वरिष्ठ जिला महामंत्री नीरज बनारसी ने कहा कि रिफंड से जुड़ी समस्याओं के समाधान और प्रक्रिया आसान होने से व्यापारियों को लाभ मिलेगा। वहीं, संगठन के पश्चिम शरीरा व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष जितेंद्र कौशल ने कहा कि सरकार के फैसले व्यापारिक माहौल को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण साबित होंगे। कर चोरी के मामलों में आपराधिक कार्रवाई की सीमा बढ़ाने से छोटे कारोबारियों को राहत मिलेगी।
भरवारी के कर अधिवक्ता शुभम मिश्रा ने बताया कि पांच करोड़ रुपये से अधिक की कर चोरी के मामलों में ही आपराधिक कार्रवाई का प्रावधान व्यापारियों के लिए राहत भरा कदम है। उन्होंने कहा कि अभियोजन की प्रक्रिया में उच्चाधिकारी की मंजूरी अनिवार्य होने और रिफंड प्रक्रिया सरल किए जाने से करदाताओं को सुविधा मिलेगी। हालांकि, सप्लायर की ओर से जीएसटी जमा नहीं करने पर ईमानदार खरीदार का आईटीसी नहीं काटने के मुद्दे पर ठोस समाधान की जरूरत है।
जिला कर अधिवक्ता संगठन कौशाम्बी के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता राम प्रकाश मिश्रा ने कहा कि जीएसटी प्रावधानों में बदलाव से करदाताओं को कई सुविधाएं मिली हैं। उन्होंने अर्थदंड में कमी, पंजीयन आवेदनों के समयबद्ध निस्तारण और रिफंड प्रक्रिया को आसान बनाने जैसे फैसलों को सराहनीय बताया। व्यापारियों को उम्मीद है कि इन सुधारों से अनावश्यक परेशानियां कम होंगी और कारोबार को गति मिलेगी।
पश्चिम शरीरा नगर अध्यक्ष व्यापार जितेंद्र कौशल
पश्चिम शरीरा नगर अध्यक्ष व्यापार जितेंद्र कौशल
पश्चिम शरीरा नगर अध्यक्ष व्यापार जितेंद्र कौशल