कोर्ट ने व्हाट्सएप से भेजे समन
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मंझनपुर। दोआबा के गांवों में रात को देखा गया ‘बाघ’ अब सोशल मीडिया पर दहशत का पर्याय बन गया है। आम लोगों से सुबह-शाम घर से नहीं निकलने की अपील की जा रही है। संदेश इतना अधिक प्रचारित कर दिया गया है कि तमाम लोग सहम गए हैं। एएसपी ने ‘बाघ’ की चहलकदमी की अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई करने की बात कही है।
करारी व सरायअकिल इलाके के कई गांवों के किसानों ने दावा किया था कि करीब 10 दिन पहले उन्होंने ‘बाघ’ देखा था। मामला सुर्खियों में आने के बाद हरकत में अए वन विभाग ने ‘बाघ’ को पकड़ने की हर संभव कोशिश की। उसका कहीं कोई सुराग नहीं लगा। इसी बीच ‘बाघ’ भूमिगत भी हो गया।
लिहाजा उसे खोजने की कोशिशें भी बंद कर दी गईं। बताया जाता है कि ‘बाघ’ अब सोशल मीडिया पर दहशत का दूसरा नाम बन गया है। फेसबुक और व्हाट्सएप से लेकर ट्विटर तक पर लोग ‘बाघ’ को लेकर तमाम तरह की पोस्ट कर रहे हैं। लोगों से सुबह तड़के तथा सूर्यास्त के बाद घर से नहीं निकलने की अपील कर रहे हैं। लिखा जा रहा है कि सुनसान स्थानों की ओर जाने से परहेज किया जाए। वहीं एएसपी का कहना है कि बाघ के दस्तक देने के मामले में प्रभागीय वनाधिकारी से वार्ता की जाएगी। यह बात अफवाह निकली तो सोशल साइट यूजरों के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।