मंझनपुर। मंझनपुर में रहने वाले लोग सुविधाएं तो चाहते हैं, लेकिन उसकी एवज से बिल अदा करने से परहेज करते हैं। सबसे ज्यादा बकाया बिजली विभाग का है। यहां के करीब तीन हजार उपभोक्ताओं पर लगभग 50 हजार रुपये बकाया है। विभाग ने छापेमारी कर कनेक्शन काटा तो लोग बिल संशोधन कराकर अदायगी के लिए आगे आने लगे हैं।
मंझनपुर में कम से कम 22 घंटे बिजली की आपूर्ति होती है। इसके पीछे मकसद है कि यहां पर जिला स्तरीय अधिकारियों के दफ्तर और आवास हैं। इसके बाद भी मुख्यालय के उपभोक्ता बिजली का बिल जमा करने में काफी पीछे हैं। मंझनपुर के उपभोक्ताओं को सरचार्ज छूट योजना भी रास नहीं आ रही है। अवर अभियंता विनम्र पटेल के मुताबिक कस्बे के चार हजार उपभोक्ताओं में करीब तीन हजार पर लगभग 50 हजार रुपये बकाया है। इन दिनों शासन ने ब्याज में छूट की योजना लागू की है। उपभोक्ता अगर ओटीएस कटा ले तो उसे मार्च तक बिल जमा करने में छूट मिल जाएगी। इसके बाद भी मुख्यालय के उपभोक्ता बिल जमा करने में कोताही बरत रहे हैं। अब तक कस्बे के 150 से अधिक लोगों का बिजली कनेक्शन काटा गया है।