पिपरी के औधन गांव में दहेज के लिए विवाहिता को जिंदा जलाकर मौत के घाट उतारने वाले दोषी सहित तीन लोगों को अपर सत्र न्यायाधीश बृजेश कुमार यादव की अदालत ने 10 वर्ष कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर चार-चार हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
शासकीय अधिवक्ता के मुताबिक चरवा खुर्द निवासी हंसराज ने अपनी बेटी वंदना की शादी वर्ष 2019 में पिपरी के औधन निवासी सूरज के साथ की थी। शादी के बाद से ही ससुरालीजन दहेज में एक लाख रुपये के लिए प्रताड़ित करने लगे। हंसराज ने बताया कि 27 जनवरी को पति सूरज सहित ननद आरती व बुआ सास सरोज देवी निवासी भीखपुर मेड़वारा ने वंदना के ऊपर केरोसिन डालकर आग के हवाले कर दिया।
गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान वंदना की मौत हो गई। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मुकदमे का विचारण अपर सत्र न्यायालय में किया गया। अभियोजन की ओर से कुल नौ गवाह प्रस्तुत कराए गए। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने तीनों पर दोष सिद्ध पाते हुए सजा सुनाई।