अभियुक्त राम जी कुश्वाहा,राजू,राम चंद्र पंडा।
अपर जिला जज विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट शीरीन जैदी की अदालत ने बुधवार को दस साल पुराने अपहरण व दुष्कर्म के एक मामले की सुनवाई की। मामले में कोर्ट तीन दोषियों को चार-चार साल की सजा सुनाने के साथ ही दस-दस हजार रुपये अर्थदंड लगाया है।
अभियोजन के अनुसार 24 अप्रैल 2013 की शाम करीब 7 बजे चरवा कोतवाली के एक गांव की 15 वर्षीय किशोरी को तीन लोग बहलाकर टाटा मैजिक से अगवा कर लिया था।
किशोरी के पिता ने चरवा निवासी रामजी कुशवाहा, राजू पंडा व रामचंद्र पंडा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने किशोरी को बरामद कर अपहरण, दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। मुकदमा अपर जिला जज विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत में चला।
एडीजीसी शशांक खरे ने सात लोगों की न्यायालय में गवाही कराई। दोनों पक्षों की बहस सुनने के साथ ही पत्रावली में मौजूद साक्ष्य का अवलोकन करते हुए बुधवार को कोर्ट ने तीनों को अपहरण व पॉक्सो एक्ट का दोषी ठहराते हुए चार-चार वर्ष के कारावास की सजा सुना दी। इसके साथ ही कोर्ट ने तीनों पर दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड नहीं जमा करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश दिया।
दुष्कर्म का आरोपी निकला किशोर, अभी लंबित है विचारण
चरवा कोतवाली के एक गांव में 24 अप्रैल 2013 को अगवा की गई किशोरी के साथ दुष्कर्म का आरोपी अभी भी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष विचाराधीन बंदी है। दुष्कर्म के आरोपी राजकुमार के किशोर होने के कारण इसकी पत्रावली अलग करके विधिपूर्ण विचारण के लिए किशोर न्याय बोर्ड भेजी गई है, जहां मुकदमे का परीक्षण विचाराधीन है।