जिला कचहरी से ताबड़तोड़ हुई बाइक चोरी की घटनाओं के बाद जागी कोतवाली पुलिस ने सोमवार सुबह तीन शातिरों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से चोरी की आठ बाइकों के साथ ही पुलिस ने दो तमंचा व कारतूस भी बरामद करने का दावा किया है। मामला दर्ज कर आरोपियों का चालान न्यायालय भेजा, जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया।
23 जून को जनपद न्यायालय के गेट नंबर एक व दो से दो अधिवक्ताओं की बाइक चोरी हो गई थी। अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद कोतवाली पुलिस ने ठंडे बस्ते में डाल दिया था। दो दिन बाद मॉडल डिस्ट्रक्टि बार एसोसिएशन ने चोरों को गिरफ्तार कर बाइक बरामदगी का पुलिस पर दबाव बनाया। एसपी राजेश कुमार ने भी मंझनपुर कोतवाल संजय तिवारी को जल्द घटनाओं का खुलासा नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
इसके बाद सक्रिय हुई कोतवाली पुलिस सोमवार सुबह समदा स्थित कांशीराम कॉलोनी के समीप से सैनी क्षेत्र के नरसिंहपुर कछुआ निवासी मनमोहन उर्फ झगड़ू व सोनू पटेल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में इन्होंने कड़ा धाम के दारानगर निवासी दीप्तांशु उर्फ दीपू के भी साथ होने की जानकारी दी तो पतौना पुल के पास से उसे भी पकड़ लिया गया।
एसपी ने पत्रकार वार्ता में बताया कि पकड़े गए आरोपियों ने पतौना के करीब देवखरपुर मार्ग पर बंद पड़े ईंट-भट्ठे में चोरी की कुल आठ बाइक छिपाकर रखी थीं। आरोपी इन्हें बेचने की तैयारी में थे। बरामद बाइक जिले के अलग-अलग स्थानों से चुराई गई थी। इन्हीं में से दो बाइक अधिवक्ताओं की भी हैं। आरोपी सोनू पटेल व मनमोहन के पास से कारतूस के साथ एक-एक तमंचा भी बरामद किया गया है।
शातिर अपराधी है सोनू और मनमोहन
एसपी राजेश कुमार ने बताया कि आरोपी सोनू पटेल के खिलाफ चोरी के पांच, रेप, छेड़खानी, पॉक्सो के दो, बलवा और मारपीट का एक, अवैध शराब, गांजा बेचने समेत कुल 10 मुकदमे अलग-अलग थानों में पंजीकृत हैं। वहीं, मनमोहन के खिलाफ भी लूट, चोरी व चोरी के सामान बेचने के चार मुकदमे दर्ज हैं। जबकि, दीप्तांशु उर्फ दीपू ने पहली बार अपराध की दुनिया में कदम रखा है। उसका कुसूर सिर्फ इतना था कि उसने चोरी की बाइक खरीदी थी।