महेवाघाट क्षेत्र के हिनौता बाजार में वर्ष 2003 में हुए पंकज हत्याकांड में अदालत ने मंगलवार को तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी करते हुए तीन दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। कोर्ट के फैसले के बाद पीड़ित परिवार की आंखें नम हो गईं।
13 दिसंबर 2003 को फतेहपुर के धाता क्षेत्र के किशुनपुर गांव निवासी पंकज द्विवेदी अपने भाई नीरज के साथ बाइक से हिनौता बाजार पहुंचे थे। इसी दौरान पुरानी रंजिश में हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। गोलियां लगने से पंकज की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके भाई नीरज किसी तरह जान बचाने में सफल रहे।
घटना के बाद नीरज की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। विवेचना पूरी होने के बाद मामला अदालत में विचाराधीन रहा। ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर आरोप सिद्ध किए। अदालत ने साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।