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Kaushambi News: एक सप्ताह से लापता युवक की हत्या में ससुर, चचेरे साले समेत तीन गिरफ्तार

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एक सप्ताह से लापता मोनू कुशवाहा की हत्या। फाइल फोटो
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पूरामुफ्ती से एक सप्ताह से लापता मोनू कुशवाहा (35) की हत्या कर शव नदी में फेंकने के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि 19 अगस्त से मोनू का अपहरण कर कौशाम्बी ले जाया गया और फिर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।
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मामले में पुलिस ने मोनू के छोटे भाई के ससुर नेम कुमार, चचेरे साले पुनीत और खुशबू मौर्य को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पटरे और डंडे से पीटकर हत्या की और शव नदी में फेंककर फरार हो गए। दोनों ने हत्या की बात स्वीकार की है।
प्रारंभिक जांच में बेटी की मौत का बदला लेने के लिए मोनू की हत्या की बात भी सामने आई है। वहीं, पुलिस ने बुधवार को गोताखोरों को नदी में उतारा लेकिन युवक के शव को खोजा नहीं जा सका।
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कौशाम्बी के महगांव निवासी मोनू पार्ट टाइम ड्राइवर था। 19 अगस्त को कमलेश कुमार ने पुलिस को बताया कि भांजा मोनू पूरामुफ्ती में दोपहर करीब 12 बजे अपनी बाइक पर बैठा था।
इस दौरान एक काले रंग की कार आई और उसमें सवार दो लोग भांजे को जबरन कार में बैठाकर अपने साथ ले गए। मोनू के अगवा होने पर पुलिस की कार्रवाई से नाराज परिजनों व ग्रामीणों ने मंगलवार को पूरामुफ्ती थाने पहुंचकर हंगामा और नारेबाजी की।
परिजनों का आरोप था कि कई दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस मोनू का पता नहीं लगा सकी है। पुलिस के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ था। मोनू की तलाश के दौरान पुलिस को कौशाम्बी के महिला घाट के आसपास एक संदिग्ध क्रेटा कार देखे जाने की जानकारी मिली।
जांच में कार का संबंध मोनू के छोटे भाई के ससुर नेम कुमार से सामने आया। पुलिस ने कार को कब्जे में लेकर नेम कुमार, पुनीत और खुशबू को दबोचा। पूछताछ में तीनों ने मोनू को अगवा कर हत्या करने की बात कुबूल की है।

डंडे और पटरे से सिर पर किए कई वार
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने बताया कि कार में ही मोनू के साथ मारपीट की गई। सिर पर कई वार किए जाने से उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को पुल से यमुना नदी में फेंक दिया गया। अब उनकी निशानदेही पर यमुना नदी में शव की तलाश की जा रही है।
ससुराल पक्ष पर लगाया था हत्या का आरोप

पुलिस जांच में सामने आया कि मोनू के छोटे भाई राजकुमार ने करीब एक माह पहले कौशाम्बी के कूरा गांव निवासी अनुराधा से विवाह किया था। अनुराधा की यह दूसरी शादी थी। इससे पहले उसकी शादी झूंसी निवासी एक कांस्टेबल से हुई थी, लेकिन अनबन के बाद शादी टूट गई थी।
बाद में उसने राजकुमार से शादी कर ली। 10 अगस्त को अनुराधा का शव ससुराल में फंदे से लटका मिला। मामले में मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर राजकुमार और उसके माता-पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि मोनू फरार चल रहा था।

परिवार ने पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप
मोनू के मामा कमलेश कुमार का आरोप है कि अपहरण के बाद परिवार लगातार पुलिस से उसकी तलाश करने की मांग करता रहा, लेकिन मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। उनका कहना है कि पुलिस ने मोनू के खुद कहीं चले जाने की बात कही थी। एसीपी धूमनगंज रवि गुप्ता ने बताया कि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है, गोताखोर की मदद से शव की तलाश की जा रही है। आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
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