ब्लॉक में पशुपालन विभाग की लापरवाही के कारण तीन पशु सेवा केंद्र लंबे समय से बंद पड़े हैं। डॉक्टर और कर्मचारियों की कमी के चलते इन केंद्रों में ताला लटका हुआ है, जिससे पशुपालकों को इलाज, टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान जैसी सुविधाओं के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सिराथू ब्लॉक क्षेत्र में करीब 40 हजार मवेशियों के उपचार की व्यवस्था केवल एक राजकीय पशु चिकित्सालय पर टिकी हुई है। ब्लॉक मुख्यालय के अलावा उदिहिन खुर्द, शाखा और सेलरहा पूरब गांव में पशु सेवा केंद्र बनाए गए हैं, लेकिन कर्मचारियों के संबद्धीकरण के कारण इन तीनों केंद्रों में लंबे समय से ताला लटका हुआ है।
जानकारी के अनुसार पशु सेवा केंद्र सेलरहा पूरब में तैनात पशुधन प्रसार अधिकारी अमरीश सिंह, उदिहिन खुर्द के ओमप्रकाश सिंह और शाखा के गुरदीप सिंह को सिराथू पशु अस्पताल से संबद्ध कर दिया गया है। इसके चलते गांवों में बने केंद्र बंद पड़े हैं।
अस्पताल में अक्सर डॉक्टर नहीं मिलते, ऐसे में वहां मौजूद कर्मचारी ही इलाज कर देते हैं। -दशरथ लाल, भडेहरी
कई सालों से पशु सेवा केंद्र बंद है। कुछ लोग उस पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। -प्रेम प्रकाश, उदिहिन खुर्द
पशुओं को 10 किलोमीटर दूर सिराथू लाना पड़ता है और डॉक्टर न मिलने पर मजबूरन झोलाछाप से उपचार कराना पड़ता है। -पुष्पराज सिंह, सेलरहा पूरब
अस्पताल में फार्मासिस्ट समेत अन्य कर्मचारियों की तैनाती नहीं है। साथ ही 11 गोशालाओं की जिम्मेदारी भी देखनी पड़ती है, जिसके कारण अस्पताल में नियमित बैठना मुश्किल हो जाता है। -डॉ. रविंद्र कुमार, पशु चिकित्साधिकारी, सिराथू
राजकीय पशु चिकित्सालय सिराथू में जमीन में पड़ी दवाएं संवाद