मंझनपुर। अब किसी भी सरकारी योजना से पात्र वंचित नहीं रहेंगे। सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने, योजनाओं का लाभ दिलाने, ग्राम पंचायत स्तर पर खेलकूद की प्रतियोगिता कराने के लिए सभी ग्राम पंचायतों में विकसित भारत संकल्प यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा 20 नवंबर से 26 जनवरी 2024 तक निकलेगी।
जिले में 10 निकाय और 451 ग्राम पंचायतें हैं। यहां के अधिकांश लोगों को केंद्र और राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में जानकारी नहीं मिल पाती है। इसके लिए शासन ने विकसित भारत संकल्प यात्रा निकालने का निर्णय लिया है। कार्यक्रम की सफलता के लिए जिला स्तर पर डीएम सुजीत कुमार अध्यक्ष, सीडीओ डॉ. रवि किशोर त्रिवेदी सदस्य/सचिव बनाए गए हैं। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं फाइनेंस को सह सचिव बनाया गया है।
20 नवंबर से निकलने वाली विकसित भारत संकल्प यात्रा की तैयारियों का जायजा लेने के लिए शुक्रवार को केंद्र सरकार के संयुक्त सचिव आवास एवं शहरी दीपक अग्रवाल ने कलक्ट्रेट के सम्राट उदयन सभागार में अफसरों के साथ बैठक की। बताया कि यात्रा का उद्देश्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में आमजन/विशेष कर वंचितों को जागरूक करते हुए चिह्नित कर लाभान्वित करना है। साथ ही लाभार्थियों से उनके अनुभव/फीडबैक प्राप्त करना है।
संयुक्त सचिव ने शासन द्वारा संचालित योजनाओं के प्रचार-प्रसार के साथ ही पात्रों को लाभान्वित कराने के लिए ग्राम पंचायतों में शिविर लगाने के निर्देश दिए। इसके अलावा आईईसी वैन द्वारा ब्रोशर, पंफलेट आदि के माध्यम से योजनाओं का प्रचार प्रसार कर लोगों को जागरूक करने के लिए भी कहा। बताया कि आईटी पोर्टल और एक एप विकसित किया गया है। इस पर यात्रा से संबंधित प्रतिदिन की प्रगति,फोटो एवं वीडियो आदि को अपलोड करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में डीएम ने अब तक की तैयारियों की जानकारी दी। इस मौके पर सीडीओ डॉ. रवि किशोर त्रिवेदी, सीएमओ डॉ. सुष्पेंद्र कुमार समेत अन्य सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
यात्रा पहुंचने से पहले कराएं मुनादी
मंझनपुर। संयुक्त सचिव ने कहा कि यात्रा की तिथि और समय के संबंध में ग्रामीणों को अवगत कराने के लिए मुनादी कराई जाए। घरौनी/स्वामित्व योजना से संतृप्त ग्राम के लेखपाल/राजस्व निरीक्षक को भी पुरस्कृत कर उत्सव का आयोजन किया जाए। नैनो यूरिया का प्रचार-प्रसार कराने के साथ ही जिस विद्यालय के कम से कम 80 प्रतिशत विद्यार्थी निपुण हो चुके हों, वहां के प्रधानाध्यापक को प्रशस्ति पत्र दिया जाए। स्टाल लगाकर बैंक के माध्यम से कृषकों की ई-केवाईसी, आधार सीडिंग, केसीसी एवं अन्य लोन से संबंधित समस्याओं का निस्तारण कराया जाए।